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श्री श्री रविशंकर ने एनजीटी पर किया पलटवार, कहा- हमें गैरजिम्‍मेदार बताने वालों का सेंस ऑफ ह्यूमर सुधर गया है

एनजीटी ने रवि शंकर को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था, ''आपको जिम्‍मेदारी की कोई समझ नहीं है।"
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्री श्री रवि शंकर।

आध्‍यात्मिक गुरु व आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के प्रमुख श्री श्री रवि शंकर ने राष्‍ट्रीय हरित प्राधिकरण पर पलटवार किया है। श्री श्री ने कहा कि जो लोग आर्ट ऑफ लिविंग को गैरजिम्‍मेदार बता रहे हैं, उनका ‘हास्‍य बोध’ अच्‍छा हो गया है। रवि शंकर ने ट्वीट कर कहा, ”जो लोग कहते हैं कि आर्ट ऑफ लिविंग गैरजिम्‍मेदार हैं, वे हमें नहीं जानते या फिर उनका सेंस ऑफ ह्यूमर सुधर गया है। सच ये है कि हमने यमुना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। जब झूठ सामने आए तो सब चौंक जाएंगे।” रवि शंकर का यह ट्वीट एनजीटी पैनल के उस कथन के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि ऑर्ट ऑफ लिविंग द्वारा यमुना तट को हुए नुकसान की रिपोर्ट को पक्षपाती बताना ‘चौंकाने’ वाला है। गुरुवार (20 अप्रैल) को एनजीटी ने रवि शंकर को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था, ”आपको जिम्‍मेदारी की कोई समझ नहीं है। क्‍या आपको लगता है कि आपका जो मन करेगा, वह कहने की आजादी है?”

बुधवार (19 अप्रैल) को रवि शंकर ने कहा था कि अगर पिछले साल दिल्‍ली में यमुना तट पर उनकी संस्‍था द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सांस्‍कृतिक कार्यक्रम से पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान पहुंचा है, तो इसकी जिम्‍मेदारी सरकार और अदालत की है, क्‍योंकि उन्‍होंने कार्यक्रम की इजाजत दी थी। एक फेसबुक पोस्‍ट में 60 वर्षीय रवि शंकर ने कहा था, ”अगर, कुछ भी, कैसा भी जुर्माना लगाया जाना है तो यह केंद्र और राज्‍य सरकारों तथा खुद एनजीटी पर लगाया जाना चाहिए, इजाजत देने के लिए। अगर यमुना इतनी ही निर्मल और पवित्र थी तो उन्‍हें वर्ल्‍ड कल्‍चर फेस्टिवल को रोकना चाहिए था।”

विशेषज्ञों की एक टीम ने एनजीटी के सामने कहा है कि आर्ट ऑफ लिविंग के उस कार्यक्रम के चलते नदी का तट पूरी तरह नष्‍ट हो गया है। कार्यक्रम में 7 एकड़ का स्‍टेज लगाया था और 1,000 एकड़ में परिसर फैला था। विशेषज्ञों के अनुसार, नुकसान की भरपाई करने में कम से कम 10 साल और 42 करोड़ रुपए लगेंगे।

श्री श्री और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन ने यमुना के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने के सभी आरोपों से इनकार किया है। पिछले साल पर्यावरणविदों ने वर्ल्‍ड कल्‍चर फेस्‍ट‍िवल को इजाजत न देने को कहा थ, मगर एनजीटी ने कहा कि अब कार्यक्रम को रद्द करने में काफी देर हो चुकी है। एनजीटी ने आयोजकों पर 5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।

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  1. R
    rajesh
    Apr 20, 2017 at 2:57 pm
    Pata NAHI LOG ISE SRI SRI KYO BOLTE HAI.YE DHARMA KA DHANDHA KARNE WALE LOG HAI.
    Reply
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