May 25, 2017

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सेना ने हमलों की वीडियो क्लिप सरकार को सौंपी

संजय निरुपम ने कार्रवाई को फर्जी करार दिया था जिसकी भाजपा ने आलोचना की और खुद निरुपम की पार्टी कांग्रेस ने उनके बयान से पूरी तरह खुद को अलग कर लिया।

Author नई दिल्ली | October 6, 2016 03:32 am
भारतीय सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सेना की कार्रवाई के सबूत सार्वजनिक किए जाने की मांगों के बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने बुधवार को कहा कि सेना ने तय प्रक्रिया के अनुसार एलओसी के पार हुए आतंकी शिविरों पर किए गए हमलों की वीडियो क्लिप सरकार को सौंप दी है। अहीर के मुताबिक इस तरह के मुद्दों को ऐसे दृष्टिकोण से रखने की एक प्रक्रिया होती है जिसका सेना और सरकार पालन करते हैं। उधर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने एक अलग जगह पर कहा कि सभी को सरकार पर भरोसा होना चाहिए और सेना को अपने हिसाब से निर्णय लेने देना चाहिए।

अहीर ने संवाददाताओं से कहा, ‘निर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन किया गया है। डीजीएमओ ने जानकारी दी। रक्षा मंत्री या प्रधानमंत्री या गृहमंत्री ने नहीं, डीजीएमओ ने मीडिया को अवगत कराया। यही सही तरीका था और सेना ने यही किया।’ उन्होंने कहा, ‘एक वक्त था जब लिखित दस्तावेज जमा किए जाते थे। अब समय बदल गया है। अब क्लिप दी जाती हैं और क्लिप दी गई हैं।’ अहीर और रिजीजू के बयान ऐसे समय में आए हैं जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सेना की हालिया कार्रवाई के फुटेज जारी करने की मांग सरकार से की जा रही है।

लक्षित हमलों पर मंगलवार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए थे। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने कार्रवाई को फर्जी करार दिया था जिसकी भाजपा ने आलोचना की और खुद निरुपम की पार्टी कांग्रेस ने उनके बयान से पूरी तरह खुद को अलग कर लिया। भाजपा ने कार्रवाई पर सवाल उठाने पर कांग्रेस के कुछ नेताओं और आप नेता अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसने कभी कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह प्रकट नहीं किया है। राज्यसभा के भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि अभियान पर सवाल खड़ा करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने आरोपों के समर्थन में प्रथमदृष्टया सबूत देने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को अभियान का ब्योरा पेश करने वाली एक अखबारी खबर के बाद एक वीडियो जारी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि उन्हें वीडियो का संपादन करना चाहिए और साजो-सामान के महत्त्व वाले हिस्से को हटा कर बाकी को दिखाना चाहिए। विस्फोट, मारे गए लोगों के शव दिखाने चाहिए। यह सब जारी किया जा सकता है। सर्जिकल स्ट्राइक की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे लोगों को आड़े हाथ लेते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक ने कहा कि केवल इसलिए वीडियो जारी नहीं कर देना चाहिए क्योंकि कुछ बेवकूफ लोग इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह बेतुकी बात है कि लोग सेना से अभियान की प्रामाणिकता को साबित करने की मांग कर रहे हैं।

 

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First Published on October 6, 2016 3:32 am

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