March 23, 2017

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पश्चिम बंगाल में सेना की तैनाती: ममता बनर्जी ने कहा तख्ता पलट की कोशिश, रक्षा मंत्री ने बताया- रूटीन अभ्यास

रक्षा मंत्री पर्रीकर ने कहा कि सेना ये रूटीन अभ्यास कई सालों से करती आ रही है। पर्रीकर ने लोक सभा में कहा, "पिछले साल 19 और 21 नवंबर को भी ऐसा अभ्यास किया गया था।" 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नबन्ना भवन के पास स्थित टोल प्लाजा पर सेना के जवानों की तैनाती पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने सफाई देते हुए कहा कि ये एक रूटीन अभ्यास था और राज्य प्रशासन को इसके बारे में पहले से सूचित किया गया था। वहीं रक्षा प्रवक्ता मेजर जनरल सुनील यादव ने कहा कि लोड कैरियर्स के बारे में आंकड़े हासिल करने के लिए सेना द्वारा देशभर में किए जाने वाले द्विवार्षिक अभ्यास को लेकर चिंतित होने की कोई वजह नहीं है।”  मेजर जनरल यादव ने बताया कि सेना ऐसा ही अभ्यास 26 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में किया था।

रक्षा मंत्री पर्रीकर ने शुक्रवार को लोक सभा में कहा, “पिछले साल 19 और 21 नवंबर को भी ऐसा अभ्यास किया गया था।” शुक्रवार (दो दिसंबर) को संसद के शीतकालीन सत्र के तेरहवें दिन कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे को सदन को उठाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबन्ना भवन के बाहर समेत राज्य में कई जगहों पर सेना की तैनाती को तख्तापलट की कोशिश बताया।

ममता बनर्जी गुरुवार रात से ही नबन्ना में थीं। उन्होंने कहा था कि जब तक सेना नहीं हटाई जाती वो भवन से बाहर नहीं निकलेंगी। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार शुक्रवार को नबन्ना भवन के बाहर स्थित टोल प्लाजा से सेना हटा ली गई थी। मीडिया रिपोर्टे के अनुसार हुगली पुल के टोल प्लाजा पर सैन्यकर्मियों के लिए बनाये गए एक अस्थायी शेड को भी हटा दिया गया है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने संसद में कहा, “ये दुखद है कि रूटीन अभ्यास पर विवाद किया जा रहा है। इस साल भी सेना ने संबंधित अधिकारियों को इसके बारे में सूचित कर दिया था। कार्यवाही की असल तारीख 28, 29 और 30 दिसंबर थी जिसे बाद में बदलकर एक और दो दिसंबर कर दिया गया।” पर्रीकर तृणमूल कांग्रेस द्वारा लोक सभा में उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में सेना तैनात करने के मुद्दे को राज्य सभा में उठाया। कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने उच्च सदन में कहा, “ये सामान्य नहीं प्रतीत होता। सेना टोल टैक्स नहीं वसूलती। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़ी जिसके लिए सेना तैनात की गई है?”  सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने राज्य सरकार को सूचित किए बगैर कुछ टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती कर दी है।

ममता ने कहा था, “मैं पूरी स्थिति को करीब से देख रही हूं। मैं अपने लोगों की संरक्षक हूं और जब तक सेना यहां खड़ी है, मैं सचिवालय से नहीं जा सकती।’’ उन्होंने आगे कहा था, ‘ यह सचिवालय एक संवेदनशील क्षेत्र है और टोल प्लाजा एक संवेदनशील जगह है। यहां सेना क्यों है? वे जो भी कारण दे रहे हैं, वह सही नहीं है। वे झूठ बोल रहे हैं। वे समय समय पर अपने कारण बदल रहे हैं। गृह मंत्रालय के पास विभिन्न राज्यों में चल रहे वाहनों के संपूर्ण आंकड़े हैं।’’

ममता ने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘उनका इरादा राजनीतिक, असंवैधानिक, बदले की भावना, अनैतिक, अलोकतांत्रिक है। मैंने निर्णय किया है कि जब तक सेना को इस सचिवालय के सामने से नहीं हटाया जाता है, मैं यहां से नहीं जाउंगी। मैं आज रात यहां ठहरूंगी। क्या इस देश में सेना द्वारा तख्ता पलट किया जा रहा है?’’

वीडियोः ममता ने टोल प्लाज़ा पर आर्मी की तैनाती के विरोध में सचिवालय में बिताई पूरी रात; सेना ने बताया नियमित अभ्यास

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First Published on December 2, 2016 11:51 am

  1. M
    mitesh purohit
    Dec 2, 2016 at 10:32 am
    जनसत्ता जैसी जवाबदार मीडिया हाउस एक तरफी न्युज क्युं दिखाते हैं ? सेनाने पत्र इस अभ्यास के लीए जानकारी देने हेतुं पत्र लिखे थे। आप के पास भी कॉपी आ गई होगी परंतु आप वह खबर नहीं छापांगे हमे पता हैं। कृपया करके अपना उल्लु सीधा करने में सेना का उपयोग ना करे।
    Reply
    1. S
      sunil
      Dec 2, 2016 at 7:42 am
      mamta dee i rajneeti pe utar gyi h pm candidate or rajnitik mahatwakancha k liye ARMY ko badnam mat kariye...
      Reply

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