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जेएनयू में नारेबाजी पर भड़के अनुपम खेर, कहा- सागर मंथन के दौर से गुजर रहा देश, विष के बाद अमृत निकलेगा

अभिनेता ने कहा, ‘आप किसी सरकार से नाखुश होकर उसके खिलाफ नारेबाजी कर सकते हैं। लेकिन देश की एकता को खंडित करने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। देश की बर्बादी के नारे लगाये जाने के मामले में माफी का सवाल ही नहीं उठता।’
Author इंदौर | February 14, 2016 23:57 pm
बॉलीवुड एक्‍टर अनुपम खेर। फाइल फोटो

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में एक आयोजन के दौरान कथित भारतविरोधी नारेबाजी पर गुस्से का इजहार करते हुए मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश की एकता को खंडित करने का किसी को भी अधिकार नहीं है। शहर में एक नाट्य प्रस्तुति के लिये आये खेर ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘भारत की राजधानी के बड़े विश्वविद्यालय जेएनयू में कुछ लोग जमा होकर देश की बर्बादी के नारे आखिर कैसे लगा सकते हैं? यह अभिव्यक्ति की आखिर कौन सी स्वतंत्रता है, जिससे देश की एकता को खतरा हो।’

60 वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘आप किसी सरकार से नाखुश होकर उसके खिलाफ नारेबाजी कर सकते हैं। लेकिन देश की एकता को खंडित करने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। देश की बर्बादी के नारे लगाये जाने के मामले में माफी का सवाल ही नहीं उठता।’ खेर ने जेएनयू की घटना को लेकर जारी सियासत पर भी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि वह जिलाधिकारी से जेएनयू की घटना की जांच करायेंगे। क्या केजरीवाल ने इस घटना से संबंधित वीडियो नहीं देखा है?’ उन्होंने कहा, ‘देश सागर मंथन की प्रक्रिया से गुजर रहा है और लोगों के चेहरों से नकाब उतर रहे हैं। मुझे लगता है कि इस मंथन से विष के बाद अमृत भी निकलेगा।’

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  1. B
    Babubhai
    Feb 14, 2016 at 2:32 pm
    Anupam kherji jaise samajdar ko kitna dukh pahucha he. Hamko bhi. Bhagvan aise desh dushmanoko kadi se kadi saja do
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    Reply
    1. B
      Babubhai
      Feb 14, 2016 at 4:13 pm
      Rahul hi kaise balish or nasamaj baat vo deshdrohiyoka bachane bol rahe he? Vo pm like he? Chaprasike like bhi nahi he. Or vo kejariival ,chaparasi ke chaprashibhi ke like nahi he
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      Reply
      1. K
        Khaleel
        Feb 15, 2016 at 4:05 am
        ी kaha takale Modi Bhakat Tum logo ki barbadi tak ye jahar niklega
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        Reply
        1. A
          Ajay Patel
          Feb 15, 2016 at 10:00 am
          अब RS 15000-50000/महीना कमायें. बस आपको Advertising करना है. और कम्पनी आपको हर माह आपके बैंक एकाउंट मे रूपया देगी...बस आप इस whatsApp no. (9713043269)पर "Info" लिख कर send कीजिए
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          Reply
          1. A
            anirudh gupta
            Feb 14, 2016 at 5:52 pm
            अगर ये जो JNU में हुआ उसे अभिवक्ति की आजादी कहे तो देशद्रोह किसे कहा जाये . अगर यही अभिक्ति की आजादी हैं तो सभी अपराधियो को जेल से रहा कर देना चाहिए क्यों की वो भी तो अपने विचारो की अभिवक्ति ही करते हैं
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            Reply
            1. A
              anirudh gupta
              Feb 14, 2016 at 5:43 pm
              ये सब क्या हो रहा हैं देश में क्या अपने देश के लिए यही भावनाए हैं युवा लोगो में. जब घर वाले ही घर तोड़ने लगे है तो पडोसी तो मोके की तलाश में रहते ही हैं
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              Reply
              1. बलराज कुमार
                Feb 14, 2016 at 1:28 pm
                9/02/2016JNU प्रकरण के हर दोषी को मकोका पोटा टाडा जैसे संगीन मुकदमे में बँद करना परम आवश्यक हैं एक दियासलाई सेंकडो वृक्ष जलाने में सक्षम हैं आज की हीला हवाली भविष्य के लिये दावानल प्रमाणित ना हो इसलिय इसे यही दफ्णाणा होगा
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                Reply
                1. B
                  brajbhan tomar
                  Feb 15, 2016 at 6:43 am
                  Jo leader jnu ki is deshdrohi ghatna. Ka support kar rahe h unhe sansad mai ni ghusne dena chaiye
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                  Reply
                  1. P
                    Pannalal Goyal
                    Feb 14, 2016 at 12:15 pm
                    अब तो जे एन यू का नाम अम्बेडकर के नाम रख देना चाहिए ।
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                    Reply
                    1. P
                      Pannalal Goyal
                      Feb 14, 2016 at 12:18 pm
                      अम्बेडकर का नाम सार्थक होगा जे एन यु की जगह ।
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                      Reply
                      1. S
                        satish
                        Feb 15, 2016 at 9:39 am
                        ये कांग्रेसी और वाम पंथी और आम आदमी पार्टी को क्यों समझ में नहीं आता की ये देश द्रोही है और ये पहले भी होता था पर कांग्रेस के ज़माने में बात बाहर नहीं जाती थी पब्लिक में और अभी पूरा देश जान गया इन देश द्रोहियों को
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                        1. S
                          suresh k
                          Feb 14, 2016 at 1:08 pm
                          केजरीवाल अँधा और बहरा दोनों है , राजनीती की रोटी में कुछ नहीं दीखता , कम्युनिस्ट तो देशद्रोही हमेशा से है लकिन पप्पू भी हाफिज का भाई साबित हुआ , मुग़ल ख़ानदान का वारिस .............
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                          1. V
                            vinod
                            Feb 14, 2016 at 9:25 pm
                            एक तरफ़ वाजपई कहते हैं की देश मे asishsurtaa कस माहौल नही और दूसरी तरफ़ कहते हैं की देश सागर मंथन से गुजर रहा हैं अनुपम जी हमे भी बताईये कि देश मे कौन राक्षस और कौन देवता हैं
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                            1. o
                              oodho-madho
                              Feb 15, 2016 at 1:45 am
                              आपका प्रश्न समझ नहीं आया गुरूदेव। 'असिश्रुता' (asishsurtaa) से आपका तात्पर्य क्या है? ये कोई नया शब्द गढ़ा है क्या आपने? और कौन वाजपई? रहा प्रश्न "कौन राक्षस और कौन देवता" का, तो कृपया प्रतीक्षा करें, सब आपके सामने आ जाएगा।
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