December 08, 2016

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असददुद्दीन औवेसी ने पूछा- थिएटर में मूवी से पहले राष्ट्रगान चलाने पर देशभक्ति जागेगी क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी सिनेमा घरों में फिल्म के शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाना होगा।

Author November 30, 2016 18:52 pm
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन औवेसी। (File Photo)

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलीमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के इस आदेश का स्वागत किया कि देश भर के सिनेमाघरों को फिल्म की शुरूआत से पहले राष्ट्रगान निश्चित तौर पर बजाना होगा । हालांकि, ओवैसी ने सवाल किया कि क्या इससे देशभक्ति की भावना मजबूत करने में मदद मिलेगी । संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम कानून, 1971 और राष्ट्रगान के बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का परामर्श नागरिकों से यह नहीं कहता कि राष्ट्रगान के वक्त खड़े होना जरूरी है । ओवैसी ने सरकार को सुझाव दिया कि वह कानून में संशोधन कर परामर्श का पुनरीक्षण करे

राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम कानून भारत के संविधान, राष्ट्रगान, राष्ट्रध्वज और देश के मानचित्र की बेअदबी या अपमान को प्रतिबंधित करता है । ओवैसी ने सवाल किया, ‘यह (आदेश) ठीक है और इसका पालन करना है । लेकिन सवाल है कि क्या राष्ट्रगान के वक्त लोगों का खड़ा होना जरूरी है ? क्या इससे देशभक्ति या राष्ट्रवाद बढ़ाने में मदद मिलेगी ?’ पिछले महीने गोवा के एक सिनेमाघर में राष्ट्रगान गाते वक्त खड़े नहीं होने पर एक दिव्यांग व्यक्ति की पिटाई की घटना की तरफ इशारा करते हुए ओवैसी ने जानना चाहा कि ‘‘इस बाबत क्या किया जा सकता है ।’

हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘मेरा मानना है कि बच्चों को बहुत कम उम्र से ही राष्ट्रगान के बारे में सिखाया जाना चाहिए….सरकार को 1971 के कानून में संशोधन और गृह मंत्रालय के परामर्श को ठीक करने की जरूरत है । मैं देशभक्ति के पक्ष में हूं ।’

भारतीय जनता पार्टी ने भी राष्ट्रगान से संबंधित उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। भाजपा का कहना है कि इससे राष्ट्रवाद की भावना और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विचार को मजबूती मिलेगी। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘भाजपा इस आदेश का स्वागत करती है और इसके लिए अदालत की सराहना करती है। इससे राष्ट्रवाद की भावना मजबूत होगी। राष्ट्रीय एकता और तिरंगा हमें एक राष्ट्र के तौर पर एकजुट करता है एवं इससे एकता को और मजबूती मिलेगी।’

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी सिनेमा घरों में फिल्म के शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाना होगा। साथ ही कहा गया है कि राष्ट्रगान के वक्त स्क्रीन पर तिरंगा भी दिखाना होगा और राष्ट्रगान के सम्मान में सभी दर्शकों को खड़ा होना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इससे देशभर में लागू करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। सिनेमाघरों में राष्ट्रगान चलाने की याचिका श्याम नारायण चौकसे नाम के शख्स ने कोर्ट में डाली थी। याचिका में मांग की गई थी कि देशभर में सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए और इसे बजाने तथा सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों में इसे गाने के संबंध में उचित नियम और प्रोटोकॉल तय होने चाहिएं, जहां संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मौजूद होते हैं।

वीडियो में देखें- चर्चा: फिल्म से पहले सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य

वीडियो में देखें- सुप्रीम कोर्ट का आदेश- सिनेमाघरों में फिल्म शुरु होने से पहले बजाया जाए राष्ट्रीय गान; स्क्रीन पर दिखे तिरंगा

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First Published on November 30, 2016 6:39 pm

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