January 23, 2017

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भुवनेश्वर आगः मुख्यमंत्री पर फूटा लोगों का गुस्सा, कहा- नहीं पूछा घायलों का हाल, मीडिया को बाइट देकर हुए रवाना

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सम हॉस्पिटल के आईसीयू और सम अस्पताल की पहली मंजिल पर बने डायलिसिस वॉर्ड में बिजली शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। आग के कारण 24 लोगों की मौत और 25 गंभीर रूप से घायल हए हैं। घटना के कुछ देर बाद लोगों ने राज्य के सीएम नवीन पटनायक के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि कुछ लोगों ने पीएम मोदी सरकार की तारीफ भी की।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सम हॉस्पिटल के आईसीयू और सम अस्पताल की पहली मंजिल पर बने डायलिसिस वॉर्ड में बिजली शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास ही अस्पताल के आईसीयू वार्ड में लग गई, जिसमें करीब 50 मरीज भर्ती थे। इनमें से 24 लोगों की मौत हो गई और 25 गंभीर रूप से घायल हैं। दर्दनाक हादसे में जहां कुछ लोगों की मौत आग में झुलसने से हुई है तो वहीं की कुछ की मौत हॉस्पिटल के वार्ड में दम घुटने बताई जा रही है। इस घटना में 20 से ज्यादा लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। इसके बाद सूचना मिलने पर तुरंत 100 पुलिस ऑफीसर्स और 10 सहित दमकल की गाड़ियां पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हादसे के करीब 2 घंटे पर आग पर काबू पाया गया। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। ऑक्सीजन मास्क पहनकर  रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी मरीजों को अस्पताल से चादर में लपेटकर निकाला। देर रात 25 मरीज  भुवनेश्वर एम्स में भर्ती कराए गए। वहीं कुछ एक को दूसरे अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया। बता दें सम अस्पताल ओडिशा के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में से एक है। आग लगने का कारणों में एक कारण अस्पताल की लापरवाही भी बताई जा रही है।

हादसे के तुरंत बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मृतक पीड़ितों पर दुख जताया। पीएम मोदी ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत कर वहां के आग में झुलसे और मृतक पीड़ितों हर संभव मदद करने को कहा। पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से कहा अगर जरूरत हो तो घायलों को दिल्ली एम्स में लाया जाए। देर रात ही भुवनेश्वर एम्स हॉस्पिटल के सभी डॉक्टर्स और नर्सों की छुट्टी कैंसिल करने के आदेश दिए गए। वहीं दूसरी ओर पीड़ितों के संबंधियों ने सीएम नवीन पटनायक पर अपना गुस्सा फूका। कांग्रेस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने सम अस्पताल के बाहर नवीन पटनाक के खिलाफ प्रदर्शन किया। दरअसल, हादसे के बाद पटनायक घटना का जायजा लेने के लिए हॉस्पिटल तो गए लेकिन उन्होंने वहां के किसी भी पीड़ितों से न ही मिले और न ही उन्हें किसी तरह की मदद का आश्वासन दिया। लोगों का कहना है कि सीएम सिर्फ मीडिया वालों को एक बाइट देकर चले गए बजाए मरीजों के हालात जानने और घटना के बारे में जानने के। लोगों ने केंद्र सरकार की तारीफ की, जिन्होंने अपने कार्यकर्ता धर्मेंद्र प्रधान से फोन पर बातचीत कर हर संभव मदद करने को कहा है। वहीं पीएम और अमित शाह ने भी पीड़ितों के लिए अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। हालांकि सीएम पटनायक ने जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं मोदी ने भी हर तरह की संभव मदद करने को कहा है।

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First Published on October 18, 2016 4:54 am

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