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बलूची भाषा में न्यूज सर्विस को मजबूत करेगा AIR, मोदी के बलूचिस्तान पर चिंता जताने के बाद उठाया कदम

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आकाशवाणी की बलूची भाषा में पहले से ही एक सेवा है और अब यह समाचार बुलिटेन की विषय वस्तु को बढ़ाने पर विचार कर रहा। बलूची सेवा 1974 में शुरू की गई थी।
Author August 31, 2016 23:12 pm
सुझाव: खाने की बर्बादी रोकने के लिए कानून बनाइए। शादियों में काफी खाना बर्बाद होता है, दूसरी तरफ हमारे करोड़ों लोग भूखे सोते हैं। एक ऐसा कानून होना चाहिए जिसके तहत शादियों में लोग सिर्फ एक पकवान ही पराेस सकें। अमल: प्रधानमंत्री ने इस सु‍झाव विशेष पर तो कुछ नहीं कहा, मगर उन्‍होंने खाद्य सुरक्षा के सरकार की प्राथमिकता में होने का इशारा जरूर किया। उन्‍होंने कहा, ”हमने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनाई। हमने फसल के उत्‍पादन को संरक्षित करने के लिए नए भंडारण गृह खोले। फूड प्रोसेसिंग में 100 फीसदी एफडीआई दिया है, जिससे किसानों को फायदा होगा। मैं 2022 तक किसानों की आय को डबल करने का सपना देखता हूं।” (Express Photo by Tashi Tobgyal)

बलूचिस्तान में लोगों के हालात के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चिंता जताए जाने के बाद आकाशवाणी बलूची भाषा में अपनी समाचार सेवा पर जोर देने की योजना बना रहा। AIR पाकिस्तान के बलूचिस्तान और दूसरे क्षेत्रों के लिए जल्द ही बलूची भाषा में प्रोग्राम शुरू करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आकाशवाणी की बलूची भाषा में पहले से ही एक सेवा है और अब यह समाचार बुलेटिन की विषय वस्तु को बढ़ाने पर विचार कर रहा। बलूची सेवा 1974 में शुरू की गई थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आकाशवाणी की पहले से ही बलूची भाषा में एक सेवा है जो विभिन्न कार्यक्रम और समाचार प्रसारित कर रहा है। लेकिन अब बलूची भाषा में और भी समृद्ध न्यूज बुलेटिन की योजना बनाई जा रही है। समझा जाता है कि 10 मिनट की मौजूदा न्यूज बुलेटिन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण के मद्देनजर उठाया जा रहा।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तानी ज्यादतियों के मुद्दे को उठाया था। इससे पहले डीडी न्यूज ने बलूच रिपब्लिकन पार्टी के नेता ब्रहुमदाग बुगती का साक्षात्कार लेने के लिए एक टीम जिनिवा भेजी थी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में भी बलूचिस्तान का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को बेहद सख्त संदेश देते हुए और बलूचिस्तान व पाक अधिकृत कश्मीर के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा था कि उनकी सरकार हिंसा और आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगी। बलूचिस्तान, गिलगिट और पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने जिस तरह पूरे दिल से मेरा शुक्रिया अदा किया, जिस तरह से उन्होंने मेरे प्रति अपना आभार जताया और जिस तरह उन्होंने हाल ही में अपनी शुभकामनाएं भेजीं…उसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।’

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