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बात नहीं, काम करेगी सेना : वायुसेना प्रमुख

पहली बार स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ ने अपने करतब दिखाए जिस पर मौजूद दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
Author हिंडन एअरबेस | October 9, 2016 03:13 am
अरूप राहा।

नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमलों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने शनिवार को कहा कि सशस्त्र बल बात नहीं करेंगे बल्कि काम करेंगे। उन्होंने कहा कि बल देश के सामने किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। एअर चीफ मार्शल राहा ने यहां कहा कि देश में इस मुद्दे पर बहुत बात हो चुकी है। समाज का हर वर्ग इस पर अपनी राय दे रहा है। सशस्त्र बलों से देश की अपेक्षा के अनुरूप परिणामों की उम्मीद की जाती है। हम इस बारे में बात नहीं करेंगे, हम केवल काम करेंगे।
उनका यह बयान पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का लगातार उल्लंघन और कश्मीर में आतंकी हमलों, खासतौर पर 29 सितंबर को सेना के लक्षित हमलों की पृष्ठभूमि में आया है। इन हमलों को लेकर विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। वे राजधानी दिल्ली से करीब 30 किलोमीटर दूर गाजियाबाद के हिंडन वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के 84वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान लड़ाकू विमानों ने शानदार करतब दिखाए।

विमानों के प्रदर्शन के दौरान पहली बार स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ ने अपने करतब दिखाए जिस पर मौजूद दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। समारोह में अपने परंपरागत भाषण में वायुसेना प्रमुख ने कहा- आज दुनिया संक्रमण काल से गुजर रही है। उड़ी और पठानकोट में आतंकवादी हमले उस मुश्किल वक्त की तरफ इशारा करते हैं, जिसमें हम रह रहे हैं। वायुसेना आधिकारिकफेसबुक पेज ‘इंडियन एअरफोर्स, पॉवर टू पनिश’ पर शुक्रवार को अपने संदेश में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना अपने कुछ अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों को संचालित कर रही है और जांबाज सैनिक आसमान पर सतत नजर रख रहे हैं।

राहा ने कहा कि हम किसी भी खतरे का सामना करने का प्रशिक्षण देते रहते हैं और किसी भी चुनौती का पूरी तरह मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। बाद में पाकिस्तान से बढ़ते खतरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। वे उन खतरों का जिक्र भी कर रहे थे जिनमें पाकिस्तान ने आतंकवादियों के जरिए भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ रखा है।राहा ने कहा कि आतंकवादी हमेशा कुछ बेहतर हो सकते हैं लेकिन सशस्त्र बल उन्हें समाप्त करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि हर घटना के साथ बल स्मार्ट होते जा रहे हैं और नई चीजें सीख रहे हैं। वायुसेना की स्थापना आठ अक्तूबर, 1932 को हुई थी और इस दिन वायुसेना दिवस मनाया जाता है।

नियंत्रण रेखा पर पाक की गोलीबारी से जवान घायल

पाकिस्तानी सैनिकों ने शनिवार को संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर एक अग्रिम चौकी पर गोलीबारी की। इसमें सेना का एक जवान घायल हो गया। इस बीच सेना ने कहा है कि कश्मीर के नौगाम सेक्टर में गुरुवार को मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी निशान वाले ग्रेनेड और अन्य सामान बरामद हुए हैं। आइजी पुलिस (राजौरी-पुंछ सेक्टर) जॉनी विलियम्स ने बताया, ‘पाकिस्तानी जवानों  ने आज सुबह नियंत्रण रेखा से लगे कृष्णागति-मेंढर सेक्टर में अग्रिम इलाके में गोलीबारी की। इसमें सेना का एक जवान घायल हो गया।’

वहीं रक्षा प्रवक्ता कर्नल मनीष मेहता ने बताया कि संघर्ष विराम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। संघर्ष विराम का उल्लंघन दो दिन तक शांति रहने के बाद हुई है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बल को बताया था कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना की ओर से आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए लक्षित हमलों के बाद जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर 25 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है।

इस बीच सेना ने कहा है कि कश्मीर के नौगाम सेक्टर में गुरुवार को मारे गए चार आतंकियों के पास से पाकिस्तानी निशान वाले ग्रेनेड बरामद हुए हैं। यह इस बात का सबूत है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने में पड़ोसी देश का हाथ है। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आतंकियों के पास मिले हथगोलों (एआरजीईएस 84) और यूबीजीएल ग्रेनेडों पर पाकिस्तान आॅर्डिनेंस फैक्टरी के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान का हाथ है।’ उन्होंने कहा, ‘बल को आतंकियों के पास मिली खाने-पीने की वस्तुओं और दवाइयों पर भी पाकिस्तान के निशान मौजूद हैं।’

गुरुवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से घाटी के नौगाम सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों के पास से प्लास्टिक की छह बारूदी छड़ें, पेट्रोलियम जैली की छह बोतलें, ज्वलनशील पदार्थ की छह बोतलें और छह लाइटर जैसे बेहद ज्वलनशील पदार्थ भी बदामद हुए हैं। उन्होंने बताया, ‘पुंछ में 11 सितंबर और उड़ी में 18 सितंबर को हुए हमले में इसी किस्म के ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल हुआ था।’

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First Published on October 9, 2016 3:13 am

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