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AIPMT नकल: हरियाणा पुलिस ने एसआईटी बनाया

अखिल भारतीय प्री-मेडिकल और प्री-डेंटल प्रवेश परीक्षा में गत तीन मई को सिम कार्ड लगे अत्याधुनिक अंत:वस्त्रों और ब्लूटूथ युक्त ईयरफोन का इस्तेमाल कर कुछ परीक्षार्थियों को कथित...
Author May 6, 2015 13:01 pm
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान प्रकाश में आया कि आरोपी रोहतक निवासी रूप सिंह दांगी के साथ मिलकर काम रहे थे जिसने उन्हें ‘‘उत्तर तालिकाएं’’ मुहैया कराई थीं। दांगी फरार है।

अखिल भारतीय प्री-मेडिकल और प्री-डेंटल प्रवेश परीक्षा में गत तीन मई को सिम कार्ड लगे अत्याधुनिक अंत:वस्त्रों और ब्लूटूथ युक्त ईयरफोन का इस्तेमाल कर कुछ परीक्षार्थियों को कथित तौर पर नकल कराने के मामले की गहराई से जांच के लिए हरियाणा पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

रोहतक के पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने बताया, ‘‘एसआईटी का गठन किया गया है। इसका नेतृत्व रोहतक पुलिस उपाधीक्षक अमित भाटिया करेंगे और इसमें (रोहतक पुलिस की) सीआईए-2 यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय और रोहतक एसटीएफ के प्रभारी सब इंस्पेक्टर राकेश होंगे।’’

आनंद ने यह भी बताया कि रोहतक पुलिस ने ‘‘(घटनाक्रम के बारे में) सीबीएसई को भी आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया है।’’

पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘मैंने सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक से बात की और जांच को तेज करने के लिए बोर्ड का सहयोग मांगा…उत्तर तालिका (आंसर की) की प्रामाणिकता का सत्यापन किया जाना है, हमने अपनी तरफ से सीबीएसई से संपर्क किया है। हम कुछ खास विवरण पाने की कोशिश करेंगे।’’

रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव ने कहा कि मामले के प्रमुख आरोपी रूप सिंह डांगी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। जाधव ने कहा, ‘‘एक बार वह गिरफ्तार हो जाता है तो अनेक चीजें साफ हो जाएंगी।’’

उन्होंने इन संभावनाओं से इनकार नहीं किया कि गिरफ्तार लोगों का संबंध अन्य राज्यों में इसी तरह के अपराध करने वाले लोगों से हो सकता है।

इससे पहले पुलिस ने चारा आरोपियों को गिरफ्तार किया उनकी पहचान भूपेंद्र और संजीत (दोनों दंत चिकित्सक), नोएडा निवासी एमबीबीएस छात्र रवि और जिले के गढ़ी खेड़ा निवासी राजेश के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान प्रकाश में आया कि आरोपी रोहतक निवासी रूप सिंह दांगी के साथ मिलकर काम रहे थे जिसने उन्हें ‘‘उत्तर तालिकाएं’’ मुहैया कराई थीं। दांगी फरार है।

पुलिस उन नौ अभ्यर्थियों की जांच कर रही है जिन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण कराने में मदद करने के एवज में आरोपियों का उनके साथ 15 से 20 लाख रुपये में सौदा हुआ था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी पानीपत में एक होटल में ठहरे हुए हैं, लेकिन बाद में उन्हें रोहतक के पास गिरफ्तार किया गया।

परीक्षार्थियों को ‘‘उत्तर तालिकाओं’’ की प्रति आरोपियों के मोबाइल फोन से मिली थी। यह व्हाट्स एप के जरिए पहुंचाई गई और इसमें 90 प्रश्नों के उत्तर थे।

पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी परीक्षा शुरू होने से पहले ही नौ अभ्यर्थियों को व्हाट्स एप के जरिए सभी 90 प्रश्नों के उत्तर भेज चुके थे। मामले में जांच जारी है।

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