June 26, 2017

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पहलू खान की मौत के महीने भर बाद मेव मुस्लिम पंचायत ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

वकील रमजान चौधरी कहते हैं, "गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देने पर पूरे देश में गाय की हत्या बंद हो जायेगी।

Author May 4, 2017 14:34 pm
मेव मुसलमान बुधवार (तीन मई) को पंचायत करते हुए। (एक्सप्रेस फोटो)

कथित गौरक्षकों द्वारा पिटाई से अस्पताल में हुई पहलू खान की मौत के करीब एक महीने बाद अलवर की मेव पंचायत के मुसलमानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील करने का फैसला किया है। डेयरी किसान पहलू खान भी मेव मुसलमान थे। पंचायत ने स्थानीय प्रशासन द्वारा बुधवार (तीन मई) को अलवर के जिला मुख्यालय बहरोर में रैली निकाने की अनुमति न दिए जाने के बाद बैठक की और ये फैसला किया। पहलू खान पर बहरोर में ही हमला किया गया था।

मेव पंचायत के प्रमुख शेर मोहम्मद ने कहा, “हम चाहते हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाये। इससे इस पर और भी पाबंदी आयद हो जाएगी और मरी गाय से चलने वाले अवैध कारोबार पर रोक लगेगी। इससे पूरा मामला हल हो जायेगा।” 55 वर्षीय पहलू खान पर अलवर में कथित गौरक्षकों ने तब हमला किया था जब वो हरियाणा से पशु खरीद कर राजस्थान ला रहे थे। मेवो पंचायत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी अपनी मांग के बाबत पत्र लिखने का फैसला किया है।

वकील रमजान चौधरी कहते हैं, “गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देने पर पूरे देश में गाय की हत्या बंद हो जायेगी। इससे पूरे देश में इस बारे में एक कानून लागू हो जायेगा जबकि अभी अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न कानून हैं।” भरतपुर और हरियाणा के मेवो मुसलमान भी अलवर में हुई इस बैठक में शामिल थे।

वहीं पहलू खान के साथ कथित गौरक्षकों के हमले के शिकार रहे अजमत, इरशाद, आरिफ और रफीक को राजस्थान हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है। इन चारों पर राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अप्रैल पहले हफ्ते में पहलू खान एवं उनके साथियों पर कथित गौ रक्षकों ने हमला किया था। पहलू खान की अस्पताल में चोट की वजह से मौत हो गयी। हमले में चार अन्य लोग घायल हुए थे। पहलू खान की हत्या मामले में राजस्थान पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच अभी जारी है।

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First Published on May 4, 2017 10:03 am

  1. V
    vikram
    May 4, 2017 at 11:37 am
    बछड़ो का क्या करेंगे? आजकल हल के लिए ट्रेक्टर हैं और बोझा ढोने के लिए मोटर गाड़ियाँ।
    Reply
    सबरंग