December 08, 2016

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एनआईए के छापों के बाद जाकिर नाइक के एनजीओ आईआरएफ के कर्मचारी दे रहे हैं इस्तीफा

 एनआइए के एक अधिकारी के मुताबिक अब तक संगठन के 20 परिसरों पर छापेमारी की गई है।

जाकिर नाईक ( File Photo)

इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक और उनके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के लिए कठिनाईयां कम नहीं हो रही हैं। जहां एक ओर एनजीओ पर बैन लगाए जाने के बाद एनआईए इसे अपने घेरे में ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर एनजीओ का स्टाफ इस्तीफा दे रहा है। एनआईए छापों के दौरान आईआरएफ परिसर से ना केवल कागजात और डाटा जब्त कर रही है, बल्कि एनजीओ के मुख्य कर्मचारियों के फोन भी जब्त किए हैं। इनमें सीईओ मंजूर शेख और अन्य बोर्ड ट्रस्टी भी शामिल हैं। नाइक के भाई का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने आईआरएफ के कार्यप्रणाली में उनकी भूमिका के बारे में इन अधिकारियों से पूछताछ भी की है और उनके फोन भी डाटा चेक करने के लिए ले लिए गए। इन फोन से डिलीट किए गए डाटा को वापस लाने के लिए इनका फोरेंसिक टेस्ट भी करवाया जाएगा। मुंबई में एनआईए अधिकारियों की दिल्ली के आईटी एक्सपर्ट की टीम भी मदद कर रही है। बैन का करियर पर असर पड़ने के डर से आईआरएफ के सीईओ मंजूर शेख सहित कई अधिकारियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है।

आईआरएफ पर बैन के बाद एनआईए लगातार छापे मार रही है। एनआइए के एक अधिकारी के मुताबिक अब तक संगठन के 20 परिसरों पर छापेमारी की गई है। जांच एजेंसी के अधिकारियों का एक दल नाईक के नफरत भरे भाषणों का अध्ययन कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि विदेशी चंदा सहित आइआरएफ के वित्तीय लेनदेन और नाईक के संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। एनआइए की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक तलाशी अभियान के दौरान नाईक के भाषणों के वीडियो टेप और डीवीडी संपत्त्ति व निवेश, वित्तीय लेनदेन, आइआरएफ और सहयोगी कपंनियों को मिले विदेशी व स्थानीय चंदे सेस संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक स्टोरेज डिवाइस बरामद किए गए।

इसके साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बैंकों से कहा कि वे नाइक और आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंधित आईआरएफ के बैंक खातों से होने वाली सभी लेन-देन पर तत्काल रोक लगाएं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिन बैंकों में नाइक और आईआरएफ के खाते हैं, उन्हें कहा गया है कि वे अगले आदेश तक दोनों के खातों से होने वाले लेन-देन पर तत्काल रोक लगाएं ।

एनआईए ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के अलावा आईपीसी की धारा 153-ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के खिलाफ हरकतें करना) के तहत नाइक, आईआरएफ और संस्था के अज्ञात पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

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First Published on November 26, 2016 5:42 pm

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