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‘लालकिले’ में 14 साल बाद भगवा: JNU में ABVP का वनवास खत्म, AISF ने खोला खाता, आइसा को झटका

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में वाममंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) ने अध्यक्ष पद जीतकर अपना खाता खोला जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 14 साल बाद एक पद (संयुक्त सचिव) जीत कर वाम गढ़ में अपनी वापसी की।
Author नई दिल्ली | September 14, 2015 08:52 am
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में वाममंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) ने अध्यक्ष पद जीतकर अपना खाता खोला जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 14 साल बाद एक पद (संयुक्त सचिव) जीत कर वाम गढ़ में अपनी वापसी की। (फोटो: अमित मेहरा)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में वाममंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) ने अध्यक्ष पद जीतकर अपना खाता खोला जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 14 साल बाद एक पद (संयुक्त सचिव) जीत कर वाम गढ़ में अपनी वापसी की। मुख्य चार पदों में से दो पद गंवा कर आइसा को दो पदों (उपाध्यक्ष व महासचिव) पर ही संतोष करना पड़ा। परिसर में इन तीनों संगठनों के लिए जश्न का दिन था जबकि डीएसएफ व एसएफआइ सरीखे संगठनों के खेमे में मायूसी पसरी रही।

जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) में 2007 और उसके बाद हुए पिछले दो चुनावों में भारी जीत हासिल कर सत्ता में रहे आॅल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) को अबकी करारा झटका लगा। इसे सबसे अहम अध्यक्ष पद खोना पड़ा। हालांकि, उसने यह पद महज 67 वोटों के कम अंतर से गंवाया। लेकिन संगठन को इस बात की राहत है कि उसने इस चुनाव में दो सीटों (उपाध्यक्ष और महासचिव) पर अपनी मौजूदगी बरकरार रखी। चुनावों के नतीजे रविवार को घोषित किए गए।

नतीजों के मुताबिक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से संबद्ध छात्र संगठन (एआइएसएफ)के उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने कुल 1029 वोट हासिल कर आइसा के विजय कुमार को 67 वोटों से मात दे दी। विजय को कुल 962 वोट मिले। इस पद पर परिषद 924 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। वाम संगठन एसएफआइ को 549 व डीएसएफ को 326 वोट मिले।

उपाध्यक्ष पद पर आइसा क ी शेहला राशिद शोरा ने 1387 वोट हासिल कर एबीवीपी के उम्मीदवार वलेंटीना ब्रह्ममा को 234 वोटों से हराया। परिषद के उम्मीदवार को 1153 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर एसएफआइ 1085 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही।

महासचिव पद पर आइसा की ही रामा नगा ने 1159 वोटों के साथ परिषद के देवेंद्र सिंह राजपूत को 213 वोटों से हराया। राजपूत को 946 वोट मिले। एबीवीपी वामपंथी गढ़ जेएनयू परिसर में उपाध्यक्ष और महासचिव के पद पर दूसरे स्थान पर रही। एसएफआइ (864) व डीएसएफ (542) क्रमश: तीसरे व चौथे पायदान पर रही।

भाजपा की छात्र शाखा एबीवीपी ने 15 सालों बाद संयुक्त सचिव का पद हासिल कर जेएनयूएसयू केंद्रीय पैनल में अपनी वापसी की है। परिषद के उम्मीदवार सौरभ कुमार शर्मा ने 1154 वोट हासिल किए जबकि आइसा के उम्मीदवार हामिद राजा को 1126 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। एबीवीपी ने आइसा को 28 वोटों से हराया। एसएफआइ इसमें भी तीसरे पायदान पर रही।

जेएनयूएसयू चुनावों के मुख्य चुनाव आयुक्त प्रवीण थल्लापल्ली ने कहा कि संगठन के अध्यक्ष पद का एआइएसएफ के कन्हैया कुमार चुनाव जीत गए हैं। जेएनयू छात्र संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की राजनीतिक परंपरा को पुनर्जीवित करना उनकी प्राथमिकता है। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के खिलाफ मुहिम चलाने की बात कही। कुमार ने कहा कि वे लिंगदोह समिति की सिफारिशों के खिलाफ आंदोलन भी चलाएंगे क्योंकि यह परिसर राजनीति में एक बड़ी बाधा है।

उन्होंने कहा कि उन्हें जेएनयू की राजनीतिक परंपरा को पुनर्जीवित करना है। इसमें एक बड़ी बाधा लिंगदोह समिति है। हम लिंगदोह को चुनौती देना चाहते हैं और अपने संविधान को फिर से लागू करना चाहते हैं। त्रिकोणीय छात्र संघ के मसले पर कहा कि हम सभी को साथ लेकर काम करेंगे। सारी लड़ाई चुनाव तक थी। अब हम आपसी सहयोग से आगे बढ़ेंगे।

परिषद ने चौदहवें साल की वापसी पर कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई और राष्ट्रवाद की जीत है। कार्यकर्ताओं की कठिन मेहनत का नतीजा है कि एक पद जीते और कई पदों पर हम दूसरे पायदान पर रहे।

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