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7वां वेतन आयोग: 31 हजार करोड़ के भत्ता-बोनस को कोई बता रहा भीख तो क‍िसी ने पूूूूछा- एर‍ियर क्‍यों मार ल‍िया?

7th CPC Pay Commission Allowances: केंद्र सरकार 48 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियं को करीब 30,748 करोड़ रुपये भत्ते और बोनस के तौर पर देगी।
7th Central Pay Commission: केंद्र सरकार ने बुधवार (28 जून) को सातवें वेतन आयोग की भत्ते से जुड़ी सिफारिशों को मंजूरी दी।

नरेंद्र मोदी सरकार ने सातवें वेतन आयोग से जुड़े भत्तों को लेकर करीब एक साल के इंतजार के बाद बुधवार (28 जून) को अंतिम मंजूरी दे दी। देश के करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और रक्षाकर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार करीब 30,748 करोड़ रुपये भत्ते और बोनस के तौर पर देगी। केंद्र सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। कुछ जनसत्ता पाठकों ने फेसबुक पर सातवें वेतन आयोग के भत्तों से जुड़ी खबर पर इसके प्रति नाखुशी जाहिर की। वहीं कुछ अन्य पाठकों ने केंद्रीय कर्मचारियों को दिए गए लाभ को गलत बताया। सातवें वेतन आयोग के भत्तों से जुड़ी ये सिफारिशें एक जुलाई से लागू होंगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की कि इसका लाभ मौजूदा कर्मचारियों, रक्षाकर्मियों और पूर्व कर्मचारियों सभी को मिलेगा। सैनिकों को सियाचीन तैनाती के लिए मिलने वाला भत्ता मोदी सरकार ने दोगुना कर दिया है।

केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले 108 भत्तों को बरकरार रखा, जबकि सातवें वेतन आयोग ने केवल 95 पुराने भत्तों को ही जारी रखने की अनुशंसा की थी। मोदी सरकार ने 43 भत्तों को खत्म कर दिया है। सातवें वेतन आयोग ने 53 भत्ते रद्द करने की अनुशंसा की थी। केंद्र सरकार ने 34 भत्तों को दूसरे भत्तों में मिला दिया है। रेलवे से जुड़े 12 भत्तों पर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।एक जुलाई से लागू भत्तों के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को मूल वेतन (बेसिक पे) पर 24 प्रतिशत, 16 प्रतिशत और आठ प्रतिशत की दर से आवास भत्ता (एचआरए) मिलेगा।

महंगाई भत्ता (डीए) 25 प्रतिशत से अधिक होने पर एचआरए 27 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और नौ प्रतिशत मिलेगा। अगर महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होगा तो एचआरए 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत मिलेगा। केंद्र सरकार ने डीए में प्रतिशत वृद्धि के अलावा एचआरए के लिए न्यूनतम दर भी तय की है जिससे निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को लाभ होगा। केंद्र सरकार ने सियाचीन में तैनात जवानों और अफसरों का मासिक भत्ता बढ़ाकर दोगुना कर दिया है।

शुभादीप डे नामक यूजर ने लिखा केंद्र सरकार द्वारा 24 प्रतिशत आवास भत्ता (एचआरए) देने को धोखा बताया। डे ने लिखा, “ये भीख है, तोहफा नहीं। 24 प्रतिशत एचआरए वो भी डेढ़ साल के एरियर के बगैर एक बड़ा धोखा है। सरकारी कर्मचारियों को हालात भिखारियों जैसी कर दी गई है और भिखारियों को जो मिल जाए वहीं स्वीकार करना पड़ता है।” कुछेक पाठकों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इन भत्तों को देने में जानबूझकर एक साल अधिक समय लगाया ताकि वो एक साल का पैसा बचा सके।  कुछ अन्य पाठकों ने भी मोदी सरकार के फैसले को देर से लागू किया गया निर्णय बताया।

दूसरी तरफ कुछ पाठक केंद्रीय कर्मचारियों को दिए गए भत्ते से ही नाराज आए। ऐसे पाठकों का तर्क था कि सरकार को किसानों और गरीबों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जनसत्ता के फेसबुक पेज पर एक यूजर ने लिखा, “कृपया आम आदमी के बारे में सोचें। सरकारी कर्मचारी 50 हजार रुपये से ज्यादा कमाते हैं और आम आदमी 10 हजारा कमाता है। अंधेर नगरी, चौपट राजा।”

वीडियो- एक ही काम के लिए महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग वेतन क्यों?

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