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आखिर 7 रेस कोर्स रोड को ही क्‍यों बनाया गया था प्रधानमंत्री निवास, क्‍या है इसकी खासियत

7 रेसकोर्स रोड में रहने वाले पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे।
7 आरसीआर स्थित प्रधानमंत्री निवास। (Indian Express Archive)

देश की राजधानी दिल्ली में स्थित ‘रेस कोर्स रोड’ का नाम बदलकर ‘लोक कल्याण मार्ग’ कर दिया गया है। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने नई दिल्ली नगर निगम पालिका परिषद (एनडीएमसी) के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि ‘रेस कोर्स रोड’ का नाम भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाता, इसलिए इसे बदलकर ‘एकात्म मार्ग’ रखा जाना चाहिए। लेकिन इस रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग रखा गया है। इसका फैसला बुधवार को परिषद की बैठक में लिया गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आवासीय पता ‘7 रेसकोर्स रोड’ से बदलकर जल्द ही ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ हो जाएगा। आइए आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री आवास की खासियत क्‍या है:

12 एकड़ में फैले इस आवास में पांच बंगले हैं। फुटबॉल के दस मैदानों के बराबर क्षेत्रफल वाले इस निवास में 1, 3, 5, 7 और 9 नंबर के बंगले हैं। मोदी 5 नंंबर के बंगले में रहते हैं, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कार्यालय की तरह इस्‍तेमाल करते थे। बंगला नंबर 1 की जगह को हेलीपैड की तरह इस्‍तेमाल किया जाता है। 7 नंबर बंगला प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे स्‍पेशल प्रोटेक्‍शन ग्रुप यानी एसपीजी के पास है। प्रधानमंत्री निवास के भीतर से सफदरजंग एयरपोर्ट तक जाने के लिए सुरंग बनाई जा रही है। नरेंद्र मोदी बिना परिवार के 7 रेसकोर्स रोड में रहने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।

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7 रेसकोर्स रोड में रहने वाले पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। वे 1984 में इंदिरा गांधी की हत्‍या के बाद यहां अपने परिवार के साथ रहने आए। 7 रेसकोर्स रोड को प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने बनाया। उनसे पहले के प्रधानमंत्री सांसद के तौर पर अलॉट किए गए बंगलों में रहते थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एक, सफदरजंग रोड पर रहा करती थीं। उनकी हत्‍या के बाद प्रधानमंत्री निवास के तौर पर 7 रेसकोर्स रोड को चुना गया था। प्रधानमंत्री निवास के बंगलों को रॉबर्ट टोर रसेल ने डिजायन किया था जो ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस की टीम का हिस्सा थे। लुटियंस ने 1920-1930 के दशक के बीच नई दिल्ली को डिजाइन किया था। रसेल ने ही तीन मूर्ति भवन और कनॉट प्लेस भी डिजायन किया था।

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  1. S
    Sunny Mittra
    Sep 21, 2016 at 1:07 pm
    अंग्रेजी शासन हो या मुग़ल शासन ...ये सब ही भारत के इतिहास का हिस्सा है .. नाम बदलने से इतिहास नही बदलेगा फिर वो Victoria Terminus हो या तुगलक रोड या RCR
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    1. Sidheswar Misra
      Sep 22, 2016 at 4:40 am
      भारत सरकार में एक विभाग कहलाता है लोक कल्याण विभाग उसी का प्रतीक यह लोक कल्याण मार्ग होगा . इससे अच्छा होता इस मार्ग का नाम गुरु गोविन्द सिंह मार्ग कर देते .
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