December 09, 2016

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राजनीतिक दल अपनी आय का स्रोत कब बताएंगे? 6 राष्ट्रीय दलों की 69 % आय अज्ञात स्रोतों से

पिछले साल नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि आरटीआई के तहत आने से राजनीतिक दलों के कामकाज में अड़चन आएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। PTI Photo by Shirish Shete/file

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर अंकुश लागने के लिए 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया। नोटबंदी के बाद जनता को जिस तरह के कष्ट उठाने पड़ रहे हैं उस पर पीएम मोदी समेत तमाम बीजेपी नेताओं ने कहा कि देशहित में जनता को ये कष्ट उठाना ही पड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार भविष्य में कालेधन पर और भी कार्रवाइयां करेगी। लेकिन लाख टके का सवाल ये है कि क्या इन कार्रवाइयों की जद में  केवल जनता ही होगी या कभी नेताओं पर भी पीएम मोदी की नजरे इनायत होगी? पिछले साल जब आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष चंद्र अग्रवाल की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश की छह राष्ट्रीय पार्टियों से सूचना के अधिकार के तहत आने के बाबत पूछा तो कोई भी पार्टी तैयार नहीं हुई।

सर्वोच्च अदालत ने जब इस मसले पर नरेंद्र मोदी सरकार की राय जाननी चाहिए तो उसने कहा कि “अगर राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के तहत लाया गया तो इससे उनके सुचारू कामकाज में अड़चन आएगी…।” सरकार ने कहा कि जो लोग ढाई लाख रुपये से अधिक मूल्य के पुराने नोट अपने खातों में जमा करेंगे उनके द्वारा जमा किए गए धन की उनके “आय के स्रोत” से मिलान किया जाएगा। जो दोषी पाया जाएगा उस पर टैक्स के अलग 200 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। लेकिन आपको ये जानकार हैरत होगी कि एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक (एडीआर) रिफॉर्म्स के साल 2013-14 के आंकड़ों के अनुसार देश की छह राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय का 69.3 प्रतिशत “अज्ञात स्रोत” से आया था।

एडीआर के आंकड़ों के अनुसार साल 2013-14 में छह राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के पास कुल 1518.50 करोड़ रुपये थे। राजनीतिक दलों में सबसे अधिक पैसा बीजेपी (44%) के पास था। वहीं कांग्रेस (39.4%), सीपीआई(एम) (8%), बीएसपी (4.4%) और सीपीआई (0.2%) का स्थान था। सभी राजनीतिक दलों की कुल आय का 69.30 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से आया था। राजनीतिक पार्टियों को अपने आयकर रिटर्न में 20 हजार रुपये से कम चंदे का स्रोत नहीं बताना होता। पार्टी की बैठकों-मोर्चों से हुई आय भी इसी श्रेणी में आती है। साल 2013-14 तक सभी छह राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय में 813.6 करोड़ रुपये अज्ञात लोगों से मिले दान था। वहीं इन पार्टियों को पार्टी के कूपन बेचकर 485.8 करोड़ रुपये की आय हुई थी।

जब के आंकड़े हैं तब कांग्रेस सत्ता में थी और बीजेपी विपक्ष में और यही दोनों दल अज्ञात स्रोत से चंदे के मामले में भी बाकी पार्टियों से आगे थे। साल 2013-14 में कांग्रेस की कुल आय 598.10 करोड़ थी जिसमें 482 करोड़ अज्ञात स्रोतों से आए थे। कांग्रेस को कुल आय का 80.6 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से मिला था। बीजेपी की कुल आय 673.8 करोड़ रुपये थी जिसमें  453.7 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोतों से आए थे।
बीजेपी को कुल आय का 67.5 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से मिला था। सीपीआई(एम) की कुल आय 121.9 करोड़ रुपये थी जिसमें अज्ञात स्रोतों से आय 58.4 करोड़ रुपये थी। सीपीआई (एम) की कुल आय के 47.9 प्रतिशत का स्रोत अज्ञात था।

साल 2013-14 में बीएसपी की कुल आय 66.9 करोड़ रुपये थी जिसमें 48.6 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोतों से आए थे। बीएसपी की 72.6 प्रतिशत आय का स्रोत अज्ञात था। एनसीपी की कुल आय 55.4 करोड़ रुपये थी जिसमें 8.3 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोत से आए थे। एनसीपी की कुल आय का 15 प्रतिशत अज्ञात स्रोतों से आया था। अज्ञात स्रोतों से आय के मामले में सीपीआई एकमात्र पाक दामन राष्ट्रीय पार्टी निकली। सीपीआई की कुल आय 2.4 करोड़ रुपये थी जिसमें अज्ञात स्रोतों से कोई भी आय नहीं थी।

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First Published on November 16, 2016 6:48 pm

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