ताज़ा खबर
 

प्रधानमंत्री जन-धन योजना की तारीफ में अरुण जेटली ने पड़े कसीदे, कहा- जीरो बैलेंस वाले खाते सिर्फ 20 फीसदी

अरुण जेटली ने वित्तीय समावेश पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना की शुरुआत से पहले करीब 42 प्रतिशत परिवार बैंक सेवा से जुड़े हुए नहीं थे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि पिछले तीन साल में जन धन योजना के तहत 30 करोड़ परिवारों के बैंक खाते खोले गए हैं। जेटली ने वित्तीय समावेश पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना की शुरुआत से पहले करीब 42 प्रतिशत परिवार बैंक सेवा से जुड़े हुए नहीं थे। उन्होंने कहा कि जन धन योजना बैंक खाते खोलने की देश की सबसे बड़ी मुहिम है। इसका लक्ष्य सभी व्यावसायिक बैंकों में शून्य जमा अधिशेष पर खाते खोलकर प्रत्येक परिवार को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना था।

जेटली ने कहा कि शून्य जमा अधिशेष वाले बैंक खातों का अनुपात 77 प्रतिशत से कम होकर 20 प्रतिशत रह गया है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सुविधा का विस्तार होने से ये बैंक खाते भी परिचालन में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत के तीन महीने बाद सितंबर 2014 में 76.81 प्रतिशत खातों में जमा राशि शून्य थी। अब इस तरह के खाते कम होकर 20 प्रतिशत रह गये हैं। उन्होंने जन धन योजना को श्रेय देते हुए कहा कि अब 99.99 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक बैंक खाता है।

वहीं कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह बात कही थी कि बीते तीन सालों में 30 करोड़ परिवार प्रधानमंत्री जन धन योजना से जुड़े हैं और उनके खातों में 65,000 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि 28 अगस्त को जन धन योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। मोदी ने कहा था, “हमने 30 करोड़ नए परिवारों को इससे जोड़ा है, उनके नए खाते खोलें हैं। यह संख्या कई देशों की जनसंख्या से ज्यादा है।” उन्होंने कहा कि गरीब देश की अर्थव्यवस्था के मुख्यधारा का हिस्सा बन चुके हैं और गरीब धन बचा रहे हैं और इसके साथ आने वाली सुरक्षा को महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा था, “यदि पैसा हाथ में रहता हैं तो ज्यादा खर्च करने की इच्छा होती है। आज संयम का माहौल है। गरीब आदमी महसूस करता है कि जो पैसा उसने बचाया है वह उसे अपने बच्चे या किसी अच्छे उद्यम में लगाएगा।” मोदी ने यह भी कहा था कि रुपये कार्ड ने गरीब की गरिमा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “गरीबों ने बैंकों में 65,000 रुपये जमा किए हैं। यह उनकी बचत है और भविष्य में उनके ताकत का स्रोत है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.