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जम्मू कश्मीर: तीन फीट का आतंकी बना नया खतरा, उम्रकैद पा चुके नूर मोहम्मद ने संभाली जैश की कमान

तंत्रे को 2003 में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और आतंकवाद अधिनियम की रोकथाम (पीओटीए) कोर्ट ने साल 2011 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
Author श्रीनगर | October 19, 2017 16:14 pm
तीन फिट का आतंकी बना नया खतरा (प्रतीकात्मक फोटो)

जम्मू कश्मीर में 3 फीट का आतंकी नया खतरा बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से हो रही घटनाओं के पीछे जैश-ए-मोहम्मद के नूर मोहम्मद तंत्रे का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक पुलवामा जिले के त्राल के नूर मोहम्मद ने दक्षिण कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद की कमान संभाल ली है। तंत्रे को 2003 में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और आतंकवाद अधिनियम की रोकथाम (पीओटीए) कोर्ट ने साल 2011 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन बीच में मिली पैरोल के दौरान नूर मोहम्मद भाग खड़ा हुआ और उसने दोबारा आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ज्वॉइन कर लिया।

अवंतिपुरा एसपी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि नूर मोहम्मद जैश-ए-मोहम्मद में दोबारा शामिल हो गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि मोहम्मद इस वक्त जैश-ए-मोहम्मद में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कश्मीर में हो रही घटनाओं के पीछे जैश के मोहम्मद नूर और एक दूसरे कमांडर मुफ्ती वकास की प्रमुख भूमिका है।’ पुलिस के सूत्रों के मुताबिक तंत्रे ने जैश-ए-मोहम्मद के उन आतंकियों को समर्थन दिया है जिन्होंने अगस्त में पुलवामा जिले में पुलिस लाइनों पर हमला किया था। अगस्त में हुए हमले में आठ सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और तीन आतंकी मारे गए थे।

इसके अलावा 3 अक्टूबर को श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर बीएसएफ कैंप पर हुए जैश के अटैक में भी तीन फिट के नूर मोहम्मद का हाथ बताया जा रहा है। इस हमले में एक बीएसएफ अधिकारी शहीद हो गया था तो वहीं तीन आतंकीयों की भी मौत हुई थी। सूत्रों के मुताबिक 21 सितंबर को स्टेट पीडब्लूडी मिनिस्टर नईम अख्तर के घुड़सवार-दल पर हुए ग्रेनेड हमले के पीछे भी नूर मोहम्मद का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नूर मोहम्मद 2001 में पार्लियामेंट में हुए हमले के मास्टरमाइंड जैश कमांडर गाजी बाबा का खास सहयोगी भी था। गाजी बाबा की मौत के बाद नूर मोहम्मद को दिल्ली के सदर बाजार से 31 अगस्त 2003 में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की वजह से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से 19.2 लाख रुपए बरामद हुए थे।

जनवरी 2011 में दिल्ली की पीओटीए कोर्ट ने नूर मोहम्मद के साथ चार अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दिल्ली की तिहाड़ जेल में कुछ समय बंद रहने के बाद उसे श्रीनगर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 2015 में मोहम्मद को कुछ दिनों की पैरोल मिली थी, जिसे जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने कई बार बढ़ाया था। पैरोल के लगभग तीन महीने बाद मोहम्मद के अंडरग्राउंड होने की खबर आई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह फिर से जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया है और आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहा है। पुलिस का कहना है कि मोहम्मद केवल 3 फिट का है इसलिए उसे आसानी से पहचाना जा सकता है। ऐसे में मोहम्मद का कोई भी कदम उसके लिए बड़ी मुश्किल बन सकता है।

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