ताज़ा खबर
 

बिहार: बाढ़ से अब तक 22 लोगों की मौत, 10 जिले प्रभावित

बाढ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की कुल नौ टीम को लगाया गया है।
Author पटना | July 28, 2016 20:33 pm
रोड पर पानी भरने से प्रभावित जनजीवन (PTI-Pjoto)

बिहार में अब तक बाढ से 22 लोगों के मरने के साथ प्रदेश के 10 जिलों के 17.85 लाख लोग प्रभावित हैं। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बाढ से 22 लोगों के मरने के साथ प्रदेश के 10 जिलों के 17.85 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को बाढ प्रभावित प्रभावित जिलों के भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया का हवाई सर्वेक्षण किया तथा बाद में पूर्णिया प्रमंडल मुख्यालय में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बाढ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की।

पडोसी देश नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार से गुजरने वाली वहां की नदियों में जलस्तर बढने के कारण प्रदेश के इन जिलों में बाढ की स्थिति उत्पन्न हुई है। कल तक बिहार में बाढ से 17 लोगों की मौत हुई थी, पर आज यह संख्या बढकर 22 हो गयी है। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रदेश के दस जिलों पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल और गोपालगंज के 49 प्रखंड के 1630 गांवों में 17.85 लाख आबादी बाढ से प्रभावित है तथा करीब एक लाख हेक्टयर क्षेत्रफल प्रभावित हुए हैं।

विभाग के अनुसार महानंदा, बखरा, कंकई, परमार और कोसी आदि नदियों में आयी बाढ के कारण 50 हजार हेक्टयर रकबे में 2.904 करोड रूपये की लगी फसल प्रभावित हुई है। बाढ के कारण बिहार में 3.88 लाख लोग विस्थापित हुए हैं जिनमें से 1.37 लाख लोग सरकार द्वारा चलाए जा रहे 357 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

बाढ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की कुल नौ टीम को लगाया गया है तथा इसके अतिरिक्त तीन जिलों अररिया, पूर्णिया और किशनगंज में एसडीआरएफ की भी टीम लगायी गयी है। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा और मधुबनी जिलों से पूर्णिया इलाके के बाढ प्रभावितों के लिए सूखा खाद्य सामग्री के 15-15 हजार पैकेट भेजे गए हैं।
सूखा खाद्य सामग्री पैकेट में 500 ग्राम सत्तू, 2 किलोग्राम चूडा, 250 ग्राम चीनी, नमक का छोटा पैकेट, मोमबत्ती, माचिस के पैकेट, एक टार्च और दूध पाउडर आदि शामिल हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.