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पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी इलाज की व्यवस्था, अब 12 वर्षीय पार्थ के पिता ने लिखा खत- दिलवा दें इच्छामृत्यु की इजाजत

मनुष्य के स्नायु तंत्र को प्रभावित करने वाली ये बीमारी आम तौर पर बच्चों या किशोरों को होती है। इ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्थ की इलाज की व्यवस्था की थी। (फाइल फोटो)

गुजरात के अमरेली में रहने वाले दिनेश मैसुरया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने 12 वर्षीय बेटे पार्थ को इच्छामृत्यु देने की अनुमति मांगी है। पार्थ सबक्यूट सेलरोसिंग पैनेनसेफलाइटिस (एसएसपीई) नामक लाइलाज बीमारी से पीड़ित हैं। हीरा पॉलिस करने वाले कारीगर दिनेश के बेटे के इलाज के खर्च की व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। दिनेश ने करीब एक साल पहले पीएम मोदी को पत्र लिखकर अपने बेटे का इलाज कराने के लिए कहा था जिसका प्रधानमंत्री ने संज्ञान लिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए दिनेश ने कहा, “अपने बच्चे को तिल तिल कर मरते देखने से ज्यादा दुखदायी एक माता-पिता के लिए कुछ और नहीं हो सकता। उसकी हालत देखने लायक नहीं है और अब दो साल हो गये हैं।”

पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद पार्थ को दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में दिखाया गया लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। अभी पार्थ का इलाज एम्स के डॉक्टरों के निर्देशानुसार अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में हो रहा है। दिनेश को जब से पता चला है कि उनके बेटे की बीमारी लाइलाज है वो काफी हताश हैं। वो चाहते हैं कि वो अपने बेटे को इस बीमारी पर शोध करने के लिए “समर्पित” कर दें ताकि किसी और बच्चे को ये कष्ट न सहना पड़े। दिनेश कहते हैं कि अगर ऐसा संभव नहीं है तो वो अपने बेटे लिए “इच्छामृत्यु” की मांग करेंगे।

मनुष्य के स्नायु तंत्र को प्रभावित करने वाली ये बीमारी आम तौर पर बच्चों या किशोरों को होती है। इस बीमारी में पीड़ित  का शरीर सिकुड़ जाता है, उसकी मानसिक स्थिति कमजोर हो जाती है, वो चल-फिर नहीं पाता, वो भोजन नहीं निगल पाता और न ही कोई बात समझ पाता है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार पार्थ केवल तरल पदार्थों के सहारे जीवित है। उसे हर रोज 8-10 बार दौरे पड़ते हैं। पिछले डेढ़ साल से उसकी ऐसी ही स्थिति है।

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