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राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य- मार्ग बनाना चाहते हैं 11 सूबे

देश के 11 राज्यों ने अपने क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य-मार्ग अधिसूचित कराने के लिए केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाया है।
Author नई दिल्ली | April 4, 2017 01:58 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर।

दीपक रस्तोगी 

देश के 11 राज्यों ने अपने क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य-मार्ग अधिसूचित कराने के लिए केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाया है। इनमें तीन राज्यों ने तो लिखित प्रस्ताव भी जमा कर दिया है। अन्य आठ राज्यों के सचिवों ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग विकास मंत्रालय में सचिव स्तरीय अधिकारियों के साथ संपर्क किया है। इस मामले में विचार विमर्श के लिए राज्यों के साथ समन्वय करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो राज्यों से बातचीत कर रास्ता निकालेगा। राज्य सरकारों ने केंद्रीय मंत्रालय को भेजी अपनी अपील  में राजमार्गों के आसपास शराब बेचने और परोसने से रोक लगाने से करोड़ों रुपए के राजस्व के नुकसान का तर्क दिया है। 11 राज्यों ने जो हिसाब लगाया है, उसके अनुसार उन्हें सभी राज्यों को मिला कर सालाना 65 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होना तय है। ये राज्य हैं- तेलेंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, हरियाणा, उत्तराखंड और असम। राजमार्गों के पांच सौ मीटर के दायरे में शराब बेचने और परोसने पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर राज्य सरकारों पर शराब बेचने वालों और ढाबा मालिकों का दबाव बढ़ा है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग विकास मंत्रालय के सचिव संजय मित्रा के अनुसार, ‘राज्यों के द्वारा पुख्ता तर्क दिए जाने पर राष्ट्रीय राजमार्गों का स्वरूप बदलने पर विचार किया जा सकता है। अतीत में कई राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य- राजमार्गों में बदला गया है।’ राज्यों की ओर से नए तरह की अपील आई है कि राष्ट्रीय राजमार्गों को सीधे शहरी राज्य घोषित कर दिया जाए। इस बाबत प्रावधानों के बारे में अधिकारी जानकारी ले रहे हैं। राज्यों के साथ समन्वय करने के लिए संयुक्त सचिव रोहित सिंह की अगुआई में एक टीम बनाई गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र, गोवा, बंगाल, उत्तराखंड, दमन और दीव जैसे राज्यों में पर्यटन उद्योग पर असर दिखने लगा है। ऐसे कई राज्य हैं, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग ज्यादा हैं। उनका स्वरूप बदलने की मांग आ रही है। अतीत में जरूरत पड़ने पर राजमार्गों का स्वरूप बदलने के फैसले लिए गए हैं। मसलन नई दिल्ली में ही रिंग रोड पहले राष्ट्रीय राजमार्ग था। बाद में इसे शहरी मार्ग घोषित किया गया। दिल्ली में हवाई अड्डे से सटे नेशनल हाईवे आठ पर स्थित होटलों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का असर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति जिन राज्यों में है, वहां की सरकारों ने स्टेट हाईवे को शहरी मार्ग घोषित करना शुरू कर दिया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ ने ऐसा करना शुरू कर दिया है। इससे मार्गों के 100 मीटर के दायरे में शराब के कारोबार की छूट मिल जाएगी।

 

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