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2016 में इन 10 स्टॉक्स ने भर दीं इन्वेस्टर्स की झोली, हुआ 2 लाख करोड़ का फायदा

30 स्टॉक्स एेसे हैं जो अकेले बीएसई के कुल बाजार पूंजीकरण के 44 प्रतिशत हिस्से को पूरा करते हैं।
सेंसेक्स में बढ़ोत्तरी

इक्विटी निवेशकों के लिए सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी ही सब कुछ नहीं हैं। कई स्टॉक्स एेसे हैं जो सूचकांक में लिस्टेड नहीं हैं, उन्हीं से 2016 में इन्वेस्टर्स को 130 प्रतिशत रिटर्न्स मिले हैं। इनमें से 10 एेसे हैं, जिनके कारण इन्वेस्टर्स की दौलत 2 लाख करोड़ तक बढ़ गई। यह आंकड़ा उतना है जितना पूरे साल बीएसई के कुल मार्केट में बढ़ोतरी हुई। फिलहाल बीएसई में कुल 5000 स्टॉक्स लिस्टेड हैं। सन फार्मा, टीसीएसबीएसई, इन्फोसिस, कोलइंडिया, जो बाजार पूंजीकरण के मामले में टॉप पर हैं, वह कुल जमा पूंजी पैदा करने में सफल नहीं हो पाए। यह साफ करता है कि 30 स्टॉक्स एेसे हैं जो अकेले बीएसई के कुल बाजार पूंजीकरण के 44 प्रतिशत हिस्से को पूरा करते हैं।

आंकड़े बताते हैं कि कमोडिटी और वित्तीय कंपनियों के शेयरों ने लिस्ट को टॉप किया है। अॉयल मार्केटिंग कंपनी आईओसी 3.02 प्रतिशत के साथ टॉप पर है। इसके स्टॉक्स ने उसके बाजार पूंजीकरण में 43.49 प्रतिशत की उछाल ली और 45,269 करोड़ का फायदा कराया। इसके बाद हिंदुस्तान जिंक और वेदांत का नंबर आता है, जिनके मार्केट कैप में साल 2016 में 78,500 करोड़ रुपये जमा हुए।

एचपीसीएल 2.53 प्रतिशत ने अपने शेयर्स में 48 प्रतिशत का उछाल देखा और उसका मार्केट कैप साल 2016 में बढ़कर 13,684 करोड़ हो गया। यूटीआई म्यूच्युअल फंड के फंड मैनेजर अजय त्यागी कहते हैं कि जब से अमेरिकी के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत हुई है जब से मार्केट में यह खबर है कि ट्रंप और उनका प्रशासन अमेरिकी इकनॉमी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने में बहुत इन्वेस्ट करेगा। उन्होंने कहा कि लेकिन असल बात यह है कि जिस तरह की सुपरसाइकल हमने पिछले दशक में देखी थी वह अगले 5-10 साल दोबारा दोहराई नहीं जा सकती।

वहीं यूपीएल, जेएसडब्ल्यू, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व उन स्टॉक्स में से हैं जिन्होंने अपने मार्केट कैप में 10 हजार करोड़ रुपये जोड़े। इसके अलावा पिरामल एंटरप्राइजेज और बायोकॉन ने 46 और 73 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपनी कुल इन्वेस्टर्स वेल्थ में 15000 करोड़ रुपये जोड़े। वहीं सन फार्मा, टीसीएस, इन्फोसेस, कोल इंडिया और विप्रो के कारण इन्वेस्टर्स को साल 2016 में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। इन पांचों के कारण इन्वेस्टर्स को 1.62 लाख करोड़ का झटका लगा।

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