ताज़ा खबर
 

मन्नत मांगने नहीं सुरक्षित केदार यात्रा का संदेश देने आया: राहुल

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दो दिन के केदारनाथ दौरे के दौरान राज्य की जनता और चारधाम की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाया...
Author April 25, 2015 09:32 am
राहुल गांधी ने दर्शन करने के बाद कहा कि वे बाबा केदारनाथ से कोई मन्नत मांगने नहीं आए थे। (फ़ोटो-पीटीआई)

सुनील दत्त पांडेय

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दो दिन के केदारनाथ दौरे के दौरान राज्य की जनता और चारधाम की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाया। कांग्रेस नेता ने गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक का 21 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। राहुल गांधी गुरुवार को देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर उतरे थे। उसके बाद वे हेलिकॉप्टर से गौरीकुंड पहुंचे और पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जन से भेंट की। राहुल गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए पैदल रवाना हुए। रास्ते में बारिश के कारण गुरुवार की रात लैंचोली में रुके, जहां से वे तड़के केदारनाथ के लिए निकले।

राहुल गांधी ने दर्शन करने के बाद कहा कि वे बाबा केदारनाथ से कोई मन्नत मांगने नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि पैदल रास्ते से केदारनाथ के दर्शन के लिए इसलिए आए थे ताकि जून 2013 में केदारनाथ हादसे के बाद लोगों के मन में बैठे खौफ को दूर कर सकें। राहुल ने कहा कि मैंने आज तक किसी भी मंदिर में अपने लिए कोई मन्नत नहीं मांगी। बकौल राहुल वे जब बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर गए तो उन्हें असीम ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होने का अहसास हुआ।

राहुल गांधी ने कहा कि हरीश रावत सरकार और उनके अफसरों, पुलिसवालों और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान व सेना के जवानों ने केदारनाथ तक रास्ता सुगम बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। इन सब लोगों को धन्यवाद देने के लिए वे केदारनाथ आए हैं।

आज केदारनाथ के कपाट खुलने के वक्त राहुल गांधी के अलावा उत्तराखंड के राज्यपाल डाक्टर केके पॉल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस नेता अंबिका सोनी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जतिन प्रसाद, रावत सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत, दिनेश धनै, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और सूफी गायक कैलाश खैर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केदारनाथ का पैदल दौरा कर राहुल गांधी ने राज्य सरकार की इस बात पर मोहर लगा दी है कि केदारनाथ जाने का रास्ता राज्य सरकार ने कड़ी मेहनत के बाद सुगम और सरल बना दिया है। राज्य की जनता राहुल के दौरे से बेहद उत्साहित है। आने वाले दिनों में इसका अच्छा असर चारधाम की यात्रा में देखने को मिलेगा। पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को केदारनाथ के कपाट खुलने पर 24 अप्रैल के लिए आमंत्रित किया था। किन्हीं कारणों से राष्ट्रपति का केदारनाथ का दौरा स्थगित हो गया था।

राष्ट्रपति का दौरा स्थगित होने के बाद विदेश दौरे से लौटे राहुल गांधी को हरीश रावत ने 24 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलने के वक्त दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया। इस आमंत्रण को राहुल गांधी ने स्वीकार कर भाजपा की चारधाम यात्रा को राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति को नाकाम कर दिया। राहुल गांधी केदारनाथ के दो दिन के दौरे के दौरान खुशमिजाज दिखाई दिए। राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि मैंने पैदल यात्रा करके मीडिया वालों को भी थका दिया है। इसके लिए मैं उनसे माफी चाहता हूं।

केदार यात्रा के दौरान राहुल गांधी बीच-बीच में रुक कर गांव वालों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना। गांव वालों ने राहुल गांधी को बताया कि इस पर्वतीय क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हैं। रास्ते में सेना के बैंड की धुन पर राहुल और रावत थिरके भी। राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हरीश रावत थिरके। हरीश रावत ने सेना के बैंड के ड्रम को बजाया भी। शुक्रवार सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर बाबा केदारनाथ के कपाट खुल गए थे। कपाट खुलने के वक्त केदारनाथ के मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था।

डर थोड़ा तो कम होगा
केदारनाथ मंदिर पैदल आने के लिए दो कारण थे। पहला जलप्रलय के दौरान जान गंवाने वालों के प्रति सम्मान व्यक्त करना। मैं 2013 में यहां आया था और जो कुछ यहां हुआ, वह मैंने खुद देखा था। मैंने सोचा कि अगर मैं हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाता हूं तो यह उनका निरादर होगा। मैंने सोचा कि जिस तरह वे श्रद्धालु यहां आए थे, मुझे भी उसी तरह यहां आना चाहिए। दूसरा कारण था कि यहां कई लोग काम करते हैं। यहां कुली हैं जो आपके कैमरे ले कर आए हैं। वे सामान और लोगों को लाते हैं। वे यहां बहुत कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और डरे हुए हैं। उनके डर का कारण यहां हुई त्रासदी है और पर्यटक भी डरे हुए हैं। मेरे पैदल आने से उनका डर थोड़ा तो कम होगा। -राहुल गांधी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग