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अरविंद केजरीवाल और नजीब जंग की जंग में फंसी 30 साल की स्वाती मालीवाल

आम आदमी पार्टी(आप) केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल नजीब जंग की दिल्ली की सत्ता पाने की जंग में दिल्ली महिला आयोग का नाम भी जुड़ गया है।
Author July 22, 2015 17:51 pm
आम आदमी पार्टी(आप) केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल नजीब जंग की दिल्ली की सत्ता पाने की जंग में दिल्ली महिला आयोग का नाम भी जुड़ गया है।

आम आदमी पार्टी(आप) केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल नजीब जंग की दिल्ली की सत्ता पाने की जंग में दिल्ली महिला आयोग का नाम भी जुड़ गया है।

20 जुलाई को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सलाहकार(जनता संवाद) तीस सील की स्वाती मालीवाल के दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष का पद भार लेने के दूसरे ही दिन उप राज्यपाल ने बिना उनकी स्वीकृकि के अध्यक्ष बनाने पर सवाल उठा दिया है।

आज बुधवार को यह संदेश राजनिवास(उप राज्यपाल के दफ्तर) से दिल्ली महिला आयोग की सदस्य सचिव अचर्ना अरोड़ा को भी दे दिया गया। सूत्रों के मुताबिक अरोड़ा ने बिना अधिसूचना के स्वाती के पास कोई फाईल भेजने से इंकार कर दिया। स्वाती मालीवाल आज सवेरे आयोग के दफ्तर में कुछ देरी बैठने के बाद सेक्स वर्करों के इलाके जीबी रोड का दौरा किया।

उन्होंने सेक्स वर्करों की हालात पर चिंता जताई और उसमें सुधार के लिए ठोस काम करने की जानकारी दी। अधिसूचना के सवाल पर उनका कहना था कि संभव है कुछ कमी रह गई हो, उन्हें तो मुख्यमंत्री ने जो जिम्मेदारी दी है उसे वे पूरा करने का भरसक प्रयास करेंगी। अनेक अधिकारियों के तबादलों से लेकर एसीबी(भष्टाचार निरोधक शाखा) आदि के तबादलों जैसा दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी दोनों में फिर से ठन गई है।

इसी के साथ-साथ दिल्ली पुलिस से भी दिल्ली सरकार दो-दो हाथ करने की तैयारी में बढ़ते महिला अपराधों के खिलाफ 28 जुलाई को विधान सभा का विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है। दिल्ली में दिल्ली सरकार के बजाए अधिकारियों पर उप राज्यपाल का नियंत्र होने वाले 21 मई के केन्द्रीय गृह मंत्रालय के सर्कुलर के खिलाफ 26 और 27 मई को विधान सभा की विशेष बैठक बुलाई गई थी।

दिल्ली के विधान में दिल्ली महिला आयोग और दिल्ली खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष पद को लाभ का पद न मानते हुए इन पदों पर विधायकों की नियुक्ति होती रही है। खादी आयोग के अध्यक्ष पद पर तो केजरीवाल सरकार ने अपने एक विधायक महेन्द्र यादव को नियुक्त किया है लेकिन महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर सरकार आप के छह महिला विधायकों में से किसी एक को उस पद पर लाना ठीक नहीं समझा।

दिल्ली महिला आयोग की निवर्तमान अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह कहना था कि आप की सरकार ने अपने पिछले 49 दिनों के कार्यकाल में इस पद पर वरिष्ट साहित्कार मैत्रेयी पुष्पा को नियुक्त करने के लिए उप राज्यपाल से इजाजत मांगी थी , उप राज्यपाल ने बरखा सिंह का कार्यकाल बाकी होने का हवाला देकर नहीं दी। इस बार जानबूझकर सरकार ने बिना उप राज्यपाल की इजाजत के स्वाती की नियुक्ति की,जिससे विवाद हो और वे खबरों में बने रहें।

अपने आठ साल के लंबे कार्यकाल से संतुष्ट बरखा सिंह ने आज फिर दोहराया कि आप की सरकार और उस पार्टी के दो बड़े नेता-कुमार विश्वास और सोमनाथ भारती ने आयोग की गरिमा घटाने का काम किया। स्वाती केजरीवाल के साथ इंडिया अगेंस करप्शन के समय से जुड़ी हैं। वे हरियाणा के आप के नेता नवीन जयहिंद की पत्नी हैं।

अध्यक्ष बनने से पहले वे मुख्यमंत्री की सलाहकार थी। महिला आयोग में तो अध्यक्ष को वाहन और गिनती के भत्ते के अलावा कोई वेतन आदि नहीं मिलता है जबकि उन्हें सलाहकार के नाते हर महीने वेतन मिलते हैं। कल राजनिवाल से मुख्यमंत्री दफ्तर में बिना इजाजत नियुक्ति करने के सवाल पर अभी तक कोई जबाब भेजे जाने की जानकारी नहीं मिल पाई है।

आयोग के दफ्तर में नए अध्यक्ष या उनके साथ बनाए गए तीनों सदस्यों के कल से बैठने पर तो कोई समस्या नहीं होने वाली है लेकिन विधिवत नियुक्ति के बिना वे सरकारी काम नहीं कर पाएंगी। कायदे में आयोग के पास ज्यादा वेधानिक अधिकार नहीं हैं और इसे सामाजिक काम की तरह ही अब तक करने की परंपरा रही है। यही दावा नई अध्यक्ष भी कर रही हैं। लगता है कि दिल्ली में बढते महिला अपराध के साथ- साथ 28 जुलाई की विधान सभा की बैठक का एक मुद्दा यह भी बनने वाला है।

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