April 28, 2017

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कमर दर्द से रहते हैं परेशान तो अपनाएं योगा के ये आसन

आइए जानते हैं योगा के कुछ ऐसे आसन के बारे में जिनसे आप अपने कमर के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

कमर का दर्द आज एक आम बीमारी बन चुकी है यह कहना गलत नहीं होगा। बड़ी तादाद में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और इलाज कराने के बाद भी कोई खास राहत महसूस नहीं करते। ऐसे में आप योगा के जरिए अपनी कमर के दर्द को खत्म कर सकते हैं। आइए जानते हैं योगा के कुछ ऐसे आसन के बारे में जिनसे आप अपने कमर के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

अर्धचक्रासन- कमर का दर्द ठीक करने के लिए ये आसन काफी फायदेमंद है और इसे कर पाना भी काफी आसान है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद पैरों को एक साथ रखें और हाथों को शरीर के साथ रखें। अब सांस अन्दर की तरफ खीचते हुए, हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और हथेलियां एक दूसरे के सामने ले आएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीछे की ओर झुकना शुरू करें और अपनी क्षमता के अनुसार पीछे की तरफ जाएं। पीछे की तरफ झुकते समय अपने हाथों को कान के पास रखें। साथ ही कोहनियां और घुटने सीधे रखें और सिर भी सीधा रखें। यही प्रक्रिया दोबारा दोहराएं और इस बार आगे की ओर झुकें। इस आसन को करने से आपके शरीर के उपरी हिस्से में खिंचाव पैदा होगा और हाथों, कंधो की मांसपेशियां भी मजबूत बनेंगी।

नौकासन- इस आसन को करना भी काफी आसान है। इसे करने के लिए आप सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैर और दोनों हाथों को शरीर के साथ लगा लें। इसके बाद लंबी गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए हाथों को पैरों कि तरफ बढ़ाएं, साथ ही अपने सीने को भी आगे की तरफ उठाएं। वहीं इसी प्रक्रिया के साथ ही पैरों को भी ऊपर की ओर उठाएं। कुछ समय के लिए आसन को बनाए रखें और गहरी सांसे लेते रहें। आखिर में साँस छोड़ते हुए, धीरे से जमीन पर वापिस सीधे लेट जाएं। इस आसन को करने से पेट की मासपेशियां सिकुड़ेंगी। इससे न सिर्फ कमर का दर्द ठीक होगा बल्कि पेट का फैट भी कम होगा।

अर्धहलासन- इसे करने के लिए आप जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैर एक दूसरे से मिला लें और हथेलियां जमीन पर टिका लें। इसके बाद धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं और 90 डिग्री के कोण पर पैरों को रोक दें। लंबी और गहरी सांसे लेते रहे। इसके बाद दोनों हाथों को उठाते हुए सिर के पीछे की ओर ले जाएं और जमीन पर हाथों को टिकाएं। इसके बाद वापिस सही मुद्रा में आने के लिए पहले हाथों को आगे की ओर लाएं और फिर पैरों को नीचे कर लें।

भुजंगासन- रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए यह आसन एक कारगर उपाय है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर की रीढ़ का लचीला होना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कमर में दर्द बढ़ने का खतरा बना रहता है। यह आसन रीढ़, गर्दन और कंधों की अकड़न को कम करने में मदद करता है जिससे सर्वाइकल की बीमारी से निजात पाई जा सकती है।

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First Published on April 21, 2017 6:21 pm

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