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खर्राटों से हैं परेशान तो नियमित रूप से करें ये दो आसन, गारंटी से मिलेगा छुटकारा

खर्राटों को लेकर ऐसा माना जाता है कि गले का पिछला हिस्सा जब संकरा हो जाता है और ऑक्सीजन उस रास्ते से होकर जाती है तब आसपास के टिशू वाईब्रेट करने लगते हैं। इसी वजह से खर्राटे आते हैं।
भ्रामरी प्राणायाम (Source: You Tube)

रात को सोते समय खर्राटों का आना एक गंभीर समस्या है। इससे आपके आस-पास रहने वाले लोगों की नींद खराब होती है। साथ ही साथ आप भी लोगों के सामने इस वजह से शर्मिंदा होते हैं। खर्राटों को लेकर ऐसा माना जाता है कि गले का पिछला हिस्सा जब संकरा हो जाता है और ऑक्सीजन उस रास्ते से होकर जाती है तब आसपास के टिशू वाईब्रेट करने लगते हैं। इसी वजह से खर्राटे आते हैं। खर्राटे आने की आदत को सही नहीं माना जाता है। अगर आपको भी खर्राटे आते हैं और आप इससे छुटकारा पाने के सारे उपाय आजमाकर थक चुके हैं, तो आप इसके लिए योग का सहारा ले सकते हैं। योग में खर्राटों को पूरी तरह से दूर करने का उपाय मौजूद है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ आसनों के बारे में बताने वाले है जिनका नियमित अभ्यास आपको खर्राटों से जरूर छुटकारा दिलाएगा।

सिंहासन – इसे करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखे और हाथों की अंगुलियां पीछे की ओर करके पैरों के बीच सीधा रखें। लम्बी गहरी सांस ले और जीभ को बाहर की ओर निकालें। दोनों आँखों को खोलकर मुख को जितना खोल पाएं, खोल लें। उसके बाद श्वांस को बाहर निकालते हुए सिंह की तरह दहाड़ें। कम से कम दस से पंद्रह बार इसका अभ्यास करें। इससे निश्चित रूप से खर्राटे की समस्‍या से छुटकारा मिल जाएगा।

भ्रामरी प्राणायाम – भ्रामरी प्राणायाम खर्राटों को दूर करने के लिए सबसे प्रभावी आसन है। इसे करने से मन शांत होता है वहीं इसके नियमित अभ्यास से और भी बहुत से लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले सुखासन की मुद्रा में बैठ जाये और अपने दोनों हाथो के अंगूठे से कानो को बंद कर लें। तर्जनी को सर पर रखे बाकी बची हुई उंगलियों को आंखों पर रखे फिर श्वास को धीमी गति से गहरा खींचकर अंदर कुछ देर रोककर रखें और फिर उसे धीरे-धीरे आवाज करते हुए नाक के दोनों छिद्रों से निकालें। श्वास छोड़ते वक्त भंवरी जैसी आवाज निकालने की कोशिश करें।

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