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प्रोफेसर का दावा- जल्द ही बच्चा पैदा करने के लिए खत्म हो जाएगी सेक्स की जरूरत, जानिए क्या दी दलील

अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हैंक ग्रीली की मानें तो अगले 20-30 सालों में ही ये बात सच होने वाली है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

बहुत से धार्मिक लोग मानते हैं कि शारीरिक संसर्ग या सेक्स का मुख्य उद्देश्य संतान पैदा करना है। लेकिन अब वैज्ञानिक ऐसे प्रयोग कर रहे है जिनसे बच्चे पैदा करने के लिए सेक्स की जरूरत नहीं होगी। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हैंक ग्रीली की मानें तो अगले 20-30 सालों में ही ये बात सच होने वाली है। प्रोफेसर ग्रीली के अनुसार आने वाले दशकों में अमेरिकी नागरिक प्रयोगशाला में माता-पिता के डीएनए से तैयार किए गए भ्रूणों में से मनचाहे भ्रूण चुन सकेंगे। प्रोफेसर ग्रीली ने इस सुविधा की अनुमानित कीमत भी बताई। प्रोफेसर ग्रीली के अनुसार इस तकनीक से बच्चे पैदा करने में 10 हजार डॉलर (करीब 64 लाख रुपये) तक का खर्च आएगा।

प्रोफेसर ग्रीली के अनुसार बहुत ही छोटे स्तर पर कुछ विलक्षण बीमारियों से बचने के लिए इस तकनीक का प्रयोग अब भी किया जा रहा है लेकिन आने वाले समय में ये तकनीक सस्ती और सुलभ होगी और इसका इस्तेमाल मनचाहे बच्चे पैदा करने में होने लगेगा। प्रोफेसर ग्रीली के अनुसार स्टेम सेल तकनीक से स्त्री और पुरुष की त्वचा से स्टेम सेल लेकर उनसे अंडाणु और शुक्राणु विकसित किए जा सकेंगे। प्राकृतिक तौर पर स्त्री के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु के संयोग से ही भ्रूण का निर्माण होता है।

प्रोफेसर ग्रीली के अनुसार पहले आनुवंशिक बीमारियों से अपने बच्चों को बचाने के लिए माता-पिता स्टेम सेल तकनीक का प्रयोग करेंगे। बाद में इसका विस्तार होगा। प्रोफेसर ग्रीली ने उम्मीद जताई कि स्टेम सेल तकनीक से स्तर कैंसर और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के जीन को बच्चों में पहुंचने से रोका जा सकेगा।

स्टेम सेल तकनीकी को लेकर नैतिक और कानूनी सवाल उठाए जाते रहे हैं। स्टेम सेल से पैदा जीवों के प्रजनन में सफलता मिलने के बाद से ही इसके मनुष्यों पर परीक्षण को लेकर बहस चल रही है। प्रोफेसर ग्रीली ने स्टेम सेल तकनीक से मनचाहे बच्चे पैदा करने पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी मीडिया से कहा, “लोग कहते हैं कि हम ऐसा कैसे कर सकते हैं? मुझे लगता है कि हम ऐसा कर सकते हैं।” हालांकि प्रोफेसर ग्रीली ने इससे जुड़ी मुश्किलों की तरफ भी इशारा किया। प्रोफेसर ग्रीली ने कहा कि माता-पिता उन्हीं भ्रूण में चयन करेंगे जो उनके स्टेम सेल से बने हैं तो उन भ्रूण में वही चीजें संभव हो सकेंगी जो माता-पिता के जीन में होंगी।

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