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जानिए जन्म के छः महीने बाद क्या हो नवजात शिशु का आहार

जन्म के शुरुआती 6 महीने तक बच्चे के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार होता है। मां के दूध से ही बच्चे को पूरा पोषण तथा हर तरह के रोगों से सुरक्षा मिलती है।
प्रतीकात्मक चित्र

जन्म के शुरुआती 6 महीने तक बच्चे के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार होता है। मां के दूध से ही बच्चे को पूरा पोषण तथा हर तरह के रोगों से सुरक्षा मिलती है। मां के दूध में कोलोस्ट्रम और इम्यूनोग्लोबलिन पाया जाता है जो पोषक तत्वों से भरपूर तो होता ही है साथ ही बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी भी करता है। इससे नवजात की संक्रमण से भी रक्षा होती है। बच्चा जब छः महीने का होता है तब मां के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब बच्चे को किस तरह का खाना खिलाया जाए। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि छः महीने तक नवजात शिशु को स्तनपान कराने के बाद किस तरह के आहार का सवन कराना चाहिए।

1. बच्चा जब छः माह का हो जाए तब उसे मां के दूध के साथ ताजा फलों का जूस दे सकते हैं। संतरा, मौसमी, सेब आदि का जूस बच्चे के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें इस बात का विशेष ख्याल रखें कि जूस बाजार का न हो बल्कि घर पर ही निकाला गया हो।

2. केले को मैश करके दूध के साथ मिलाकर खिलाया जा सकता है। इसके अलावा चावल, सूजी का खीर और दलिया को दूध में पकाकर खिलाना भी बच्चे की सेहत के लिए बेहतर आहार है।

3. लौकी, गाजर या फिर आलू का सूप निकालकर बच्चे को पिलाएं। इन सब्जियों को मूंग की दाल की खिचड़ी में मिलाकर भी शिशु को खिलाया जा सकता है।

4. नवजात शिशु को गाजर का हलवा भी खिलाया जा सकता है। इसके लिए गाजर को कद्दूकस में कस लें और पानी में उबालकर पीस लें। बाद में चने की दाल, भुनी मूंगफली के आटे में गुड़ की चाशनी डालें। अब इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर अच्छी तरह पका लें। फिर गाजर मिलाकर कुछ देर तक और पकने दें। बाद में शिशु को खिलाएं।

5. ज्वार के आटे का मीठा दलिया भी बच्चे के लिए बेहतर आहार हो सकता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले ज्वार के आटे को भूनकर अलग रख दें। अब गुड़ को पानी में भिगोकर पिसी हुई मूंगफली मिला लें। फिर सभी सामग्री को आंच पर रख दें। जब वह उबलने लगे तब उसमें धीरे-धीरे आटे को मिलाएं। पक जाने पर बच्चे को इसका सेवन कराएं।

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