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ब‍िना टेस्‍ट के भी जान सकते हैं क‍ि प्रेग्‍नेंसी है या नहीं, ये हैं संकेत

आपके शरीर में होने वाले कुछ बदलाव आपको यह बता सकते हैं कि आप गर्भवती हैं या नहीं।
यह चित्र प्रतीक के तौर पर लिया गया है

आपके प्रेग्नेंसी के बारे में आपका शरीर ही कुछ संकेतों से आपको बता देता है। बस उन संकेतों को आपको समझना होता है। इसके लिए आपको अपने पीरियड्स पर भी खास नजर रखनी पड़ती है। आपके शरीर में होने वाले कुछ बदलाव आपको यह बता सकते हैं कि आप गर्भवती हैं या नहीं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में बताने वाले हैं जिनके इस्तेमाल से आप बिना किसी टेस्ट के यह जान सकेंगी कि आपकी प्रेग्नेंसी का स्टेटस क्या है।

पीरियड्स का मिस होना – पीरियड्स का मिस होना प्रेग्नेंसी का पहला संकेत माना जाता है लेकिन हर बार पीरियड्स का मिस होना प्रेग्नेंसी ही नहीं होता। कई बार यह अन्य कारणों से भी मिस हो सकता है। जैसे – अचानक से वजन का बढ़ना, तनाव या असंयमित खान-पान जनित रोग आदि की वजह से भी पीरियड्स के मिस होने की शिकायत हो जाती है। ऐसे में आपको डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए कि आपके पीरियड्स के मिस होने का कारण प्रेग्नेंसी है या नहीं।

स्पॉटिंग – स्पॉटिंग एक तरह का वेजिनल ब्लीडिंग होता है। पीरियड्स के बीच में इसका होना एक सामान्य घटना है। लेकिन अगर आपके लास्ट पीरियड के एक या दो हफ्ते बाद रक्त स्राव दिखाई दे तो यह प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकता है। यह ब्लीडिंग सामान्य और नुकसानरहित होती है। ऐसा भ्रूण के गर्भाशय में अपने आप को स्थापित करने के दौरान होता है। हालांकि यह हर मां बनने वाली महिला के साथ नहीं होता। इसलिए अगर स्पॉटिंग के साथ किसी तरह का दर्द या तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

मितली या उल्टी आना – उल्टी या मितली आना भी प्रेग्नेंसी के एक संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह संकेत करता है कि शरीर में हार्मोनल स्तर बढ़ रहा है और आपका शरीर प्रेग्नेंसी के लिए तैयार हो रहा है।

बार-बार पेशाब आना – अगर आपको हर 20 या 30 मिनट बाद वाशरूम जाना पड़ता है तो ये भी आपकी प्रेग्नेंसी का संकेत होता है। हार्मोन्स में बदलाव के चलते शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है साथ ही साथ गर्भाशय का बढ़ता आकार पित्त की थैली पर दबाव डालता है जिस वजह से बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है।

पीठ का दर्द – अगर आपके पीठ के निचले हिस्से में दर्द है और यह दर्द वैसा ही है जैसे पीरियड्स के पहले या उसके दौरान होता था तो यह भी गर्भधारण का संकेत हो सकता है।

थकान और नींद आना – शरीर में होने वाले कई तरह के बदलावों की वजह से आपके नींद के चक्र पर प्रभाव पड़ना तो तय है। इससे भी आप अपनी प्रेग्नेंसी का अंदाजा लगा सकती हैं। प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन का लेवल बढ़ जाने की वजह से या फिर उल्टी और बार बार वाशरूम जाने की वजह से आपका शरीर बहुत थकान महसूस करता है। इस वजह से आपको खूब नींद भी आती है।

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