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प्रेग्नेंसी में कम वजन बच्चे को बना सकता है अपाहिज, दिल की बीमारी का भी होता है खतरा

गर्भावस्था में वजन कम होने की वजह से बच्चे के कुपोषित होने का खतरा होता है।
Author Pregnancy, Low Weight Gain, Pregnancy Problems, Premature Delivery, Hypertension, Obesity, Infant, New Born Baby, Health News In Hindi, Lifestyle News In Hindi, Pregnancy News In Hindi, Jansatta | August 30, 2017 18:55 pm
गर्भवती महिलाओं में वजन की कमी बच्चे के स्वास्थ्य पर तत्काल प्रभाव डालती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इन्हीं में शामिल है उनके वजन का बढ़ जाना। प्रेग्नेंट महिलाओं का वजन बढ़ना सामान्य घटना है, लेकिन कुछ महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता। ऐसी बहुत सी महिलाएं होती हैं जिनका वजन प्रेग्नेंसी के दौरान कम होना शुरू हो जाता है। महिला जब गर्भधारण करती है तब उसके खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि ऐसे समय में महिलाओं का वजन बढ़ना चाहिए। लेकिन एक सीमा से ज्यादा वजन बढ़ना भी उनके लिए नुकसानदेह होता है। इसके अलावा गर्भावस्था में जब उनका वजन घटने लगे, तो यह भी उनके लिए सही नहीं होता है। दोनों ही स्थितियों में होने वाले बच्चे के विकास पर बुरा असर पड़ता है।

प्रेग्नेंसी की शुरुआत में अगर आपका बीएमआई 18.5 – 24.9 तक है, तो आपको इसे बढ़ाकर 25-35 तक करना चाहिए। इसके लिए प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में 1-5 पाउंड तक बीएमआई बढ़ाने का लक्ष्य रखें। इसके बाद हर हफ्ते कम से कम 1 पाउंड बढ़ाने की कोशिश करें। इससे आपके बच्चे की बेहतर सेहत का संकेत मिलता है। प्रेग्नेंसी से पहले जिनका वजन निर्धारित मानक से कम होता है उन्हें अपना बॉडी मास इंडेक्स बढ़ाकर 28-40 तक जरूर ले जाना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि गर्भावस्था में कम वजन होने की समस्या से आपके बच्चे के विकास पर बुरा असर पड़ता है।

1. गर्भावस्था में वजन कम होने की वजह से बच्चे के कुपोषित होने का खतरा होता है। ऐसे में कम वजन का बच्चा जन्म लेता है, जिसमें पोषण की भारी कमी होती है।

2. मां का वजन कम होने पर प्रीमैच्योर डिलीवरी की संभावना भी बढ़ जाती है, मतलब बच्चा समय से पहले जन्म ले लेता है, जिसकी वजह से उसे बाद में तमाम तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

3. ऐसे अधिकतर मामलों में अपाहिज बच्चे के पैदा होने की संभावना होती है। इसके अलावा कम वजन वाली मां के बच्चे में आगे चलकर हाइपरटेंशन, मोटापा और दिल संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

गर्भवती महिलाओं में वजन की कमी बच्चे के स्वास्थ्य पर तत्काल प्रभाव डालती है। इतना ही नहीं, आगे चलकर बच्चे के किसी गंभीर समस्या से ग्रस्त होने का भी खतरा रहता है। ऐसे मे जरूरी है कि किसी अच्छे डाइट एक्सपर्ट से संपर्क कर मां का वजन बढ़ाने के उपाय किए जाएं।

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