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पुरूषों में नपुंसकता के ये हैं पांच सबसे बड़े कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि 40 से 70 साल तक की उम्र में तकरीबन 50 प्रतिशत पुरुष कभी न कभी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या का सामना करते हैं।
प्रतीकात्मक चित्र

इंपोटेंस यानी कि नपुंसकता की वजह से पुरूषों में इरेक्शन और स्खलन से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं। इसे भी एक प्रकार का इरेक्टाइल डिस्फंक्शन माना जाता है। नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं। यह मनोवैज्ञानिक कारणों से भी हो सकता है और शारीरिक कारणों से भी। विशेषज्ञों का मानना है कि 40 से 70 साल तक की उम्र में तकरीबन 50 प्रतिशत पुरुष कभी न कभी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या का सामना करते हैं। बढ़ती उम्र के साथ नपुंसकता का खतरा भी बढ़ता जाता है। इन मामलों में ऐसा अक्सर देखा गया है कि नपुंसकता से ग्रस्त लोगों में पढ़े लिखे लोगों की संख्या काफी कम होती है। ऐसा उनके स्वस्थ खान-पान और जीवनशैली की वजह से होता है। नपुंसकता की वजह से अक्सर लोगों में तनाव, अवसाद और कमजोर आत्मविश्वास की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आइए, इस बात पर नजर डालते हैं कि किन वजहों से लोग इस समस्या का शिकार होते हैं।

अंतःस्रावी रोगों की वजह से – शरीर का अंतःस्रावी तंत्र कई तरह के ऐसे हार्मोंन्स का स्राव करता है जो सेक्सुअल फंक्शन्स, प्रजनन क्षमता तथा मानसिक अवस्था पर अपना प्रभाव डालते हैं। अंतःस्रावी रोगों का सबसे बड़ा उदाहरण डायबिटीज है जिसकी वजह से भी नपुंसकता की समस्या उत्पन्न हो सकती है। डायबिटीज की वजह से हार्मोन्स का स्राव बुरी तरह से प्रभावित होता है।

न्यूरोलॉजिकल और नसों संबंधी विकार की वजह से – तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कई तरह की समस्याएं भी नपुंसकता का कारण होती हैं। नसों से संबंधित दिक्कतें प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालती हैं। इसी वजह से पुरूषों में इरेक्शन संबंधी समस्या आती है। प्रोस्टेट ग्लैंड सर्जरी कराने वाले पुरूषों में नसों को नुकसान पहुंचने की वजह से भी नपुंसकता आ सकती है।

दवाओं के इस्तेमाल की वजह से – कई तरह की दवाओं का इस्तेमाल भी लोगों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार बना देता है, इसलिए दवाओं के इस्तेमाल के प्रति थोड़ा सजग रहें। अगर आप किसी भी तरह की दवा ले रहे हैं तो आपको उन्हें तब तक बंद नहीं करना चाहिए जब तक कि डॉक्टर ऐसा करने के लिए आपसे न कहें, भले ही आपको यह पता हो कि यह नपुंसकता का कारण हो सकता है।

दिल संबंधी समस्याओं की वजह से – अगर आपको हृदय संबंधी समस्या है और आपका दिल ब्लड को ठीक तरह से पंप नहीं कर पा रहा है, तो ऐेसे में भी नपुंसकता आपको अपना शिकार बना सकती है।

लाइफस्टाइल और मनोवैज्ञानिक विकारों की वजह से – अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह का इमोशनल डिसऑर्डर है तो इस वजह से उसके सेक्सुअल एक्साइटमेंट पर बुरा असर पड़ता है। अवसाद और चिंता नपुंसकता के खतरे को बढ़ाने वाली समस्याएं होती हैं।

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