ताज़ा खबर
 

आश‍िकों के द‍िल का हाल बयां करते हैं ये शेर…जरा गौर तो फरमाएं

अगर आपने किसी से प्यार किया हैं तो ये हैं वो शायरियां, जो दिलाती हैं आपको अपने प्यार की याद
इस तस्वीर का इस्तेमाल सांकेतिक तौर पर किया गया है।

जो मांगू वो दे दिया कर ऐ-जिंदगी …
कभी तो तू मेरी माँ जैसी बन जा !!

तू ही बता दे जरिया कोई और जीने का,
शौक़ आदत में बदल रहा है पीने का !

मेरी महोब्बत का अन्दाजा कभी मत लगाना …
हिसाब हम लेंगे नहीं और चुका तुम पाओगे नहीं !!

ये ना समझना कि खुशियों के ही तलबगार हैं हम…
तुम अगर अश्क भी बेचो तो, उसके भी खरीददार हैं हम…!!

क्या लाज़वाब था तेरा छोड़ के जाना…
भरी भरी आंखों से मुस्कुराये थे हम !!

कैसे लिखोगे मोहब्बत की किताब…
तुम तो करने लगे पल-पल का हिसाब !

मुस्कुराने की आदत भी कितनी महंगी पड़ी हमें…
छोड़ गया वो ये सोच कर कि हम जुदाई में भी खुश हैं !

आहटों से कह दो कि आहटें ना करें,,
मेरा महबूब सो रहा है मेरी पलकों में !!

तुम से मिल कर इमली मीठी लगती है….
तुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है !!

हर वक़्त उसी के ख्यालों में खोए रहते हैं…
और उसे शिकायत है कि मुझे खुद से फुर्सत नहीं मिलती !!

थोड़ा मैं , थोड़ी तुम, और थोड़ी सी मोहब्बत
बस इतना काफी है, जीने के लिये…

तुम से बेहतर तो नहीं हैं…..ये नजारे, लेकिन…..
तुम जरा आँख से निकलो, तो…. इन्हें भी देखूं !!!

कुछ फासले तुम भी तो मिटाओ जान..
हम तुम तक आये, तो कहाँ तक आये !!

कोई प्यार से जरा सी फूंक मार दे, तो मैं बुझ जाऊं..!!!
नफरत से तो तूफान भी… हार गए मुझे बुझाने में ।।

मेरी मोहब्बत की हद मत तय करना तुम…
तुम्हें सांसों से भी ज्यादा मोहब्बत करते हैं हम !!!

आंखे थी जो कह गई सब कुछ
लफ्ज होते तो मुकर गए होते।
गुलजार

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on May 1, 2017 12:12 pm

  1. No Comments.
सबरंग