February 28, 2017

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गुरु नानक जयंती बर्थडे 2016: गुरुपर्व के बारे में ये 3 बातें नहीं जानते होंगे आप

गुरुनानक जयंती 2016: नानक जी का जन्म 1469 में पंजाब में हुआ था। इस वक्त यह जगह पाकिस्तान प्रांत में आती है। आज 2016 में उनका 547वां जन्मदिन है।

Author नई दिल्ली | November 14, 2016 09:57 am
गुरु पर्व को गुरु नानक जयंती या गुरु नानक प्रकाशोत्सव के नाम से भी जाना जाता है।

सोमवार को सिखों का पवित्र त्योहार गुरु ननाक जयंती है। इसे गुरुपर्व के नाम से भी जाना जाता है। यह उनके पहले गुरु नानक देव का जन्मदिन होता है। नानक जी का जन्म 1469 में पंजाब में हुआ था। इस वक्त यह जगह पाकिस्तान प्रांत में आती है। आज 2016 में उनका 547वां जन्मदिन है। पाकिस्तान की राजधानी लाहौर से 40 मील दूर उनकी जन्मस्थली है।

कौन हैं गुरु नानक– नानक का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था। उन्होंने इस्लाम की भी पढ़ाई की थी। हालांकि उन्होंने दोनों ही धर्मों की आलोचना की। दोनों धर्मों में होने वाले तीर्थस्थल की यात्रा, मु्क्ति का मार्ग, जन्म और मरण का चक्र जैसी बातों का विरोध किया। इसके इतर वो भगवान के साथ रूहानी रिश्ते में विश्वास करते हैं। बहुत से लोगों को लगता है कि उनमें दैवीय शक्तियों का वास था। 30 की उम्र में शादी और बच्चे होने के बावजूद गुरु नानक दक्षिण एशिया, तिब्बत और अरब की स्प्रिचुअल जर्नी के लिए निकल पड़े थे जो 30 सालों तक जारी रही। उन्होंने अपने हिंदू और इस्लाम धर्म और जातिवाद के बारे में विरोध को लेकर बातें कीं। उनका मानना था कि भगवान तक हर कोई बिना किसी छुआछूत और भेदभाव के पहुंच सकता है। इसी से सिख धर्म का जन्म हुआ और वो इसके पहले गुरु बन गए। सिखों के दस गुरु हैं और उसके बाद गुरुग्रंथ को उन्होंने अपना 11वां गुरु मान लिया।

कब मनाया जाता है- गुरुनानक का असल में 15 अप्रैल को जन्म हुआ था। हालांकि उनका जन्मदिन हिंदू कैलेंडर के हिसाब से नवंबर में मनाया जाता है। इसकी कोई निर्धारित तिथि नहीं है लेकिन कार्तिक महीने के पहले पूरे चांद वाले दिन इसे सेलिब्रेट किया जाता है।

किस तरह मनाया जाता है जन्मदिन- गुरुनानक के जन्मदिन से पहले ही पूरे देश और विदेश में प्रकाश पर्व की धूम शुरू हो जाती है। इस दौरान पुरुष गतका के रूप में सिख मार्शल आर्ट को परफॉर्म करते हुए भजन गाते हैं। इस दिन भारत में सरकारी छुट्टी होती है और सिख सुबह के 4-5 बजे से ही इसे भजन गाकर मनाना शुरू कर देते हैं। इस दौरान सामुदायिक भोज लंगर सभी को खिलाया जाता है। इस दिन देर रात तक प्रर्थना होती है। कुछ सिख इस दिन पाकिस्तान में गुरुनानक की जन्मस्थली के दर्शन भी करते हैं। इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की वजह से ऐसा होने के आसार कम हैं। हालांकि पाकिस्तानी उच्चायोग ने बताया था कि उन्होंने 3316 सिख श्रद्धालुओं को वीजा दिया है।

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First Published on November 14, 2016 9:01 am

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