December 03, 2016

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भाई दूज पूजा शुभ मुहूर्त 2016: भाई को टीका करने के लिए कौन सा समय है सबसे शुभ, क्या है पूजा विधि

Bhai Dooj पूजा विधि मुहूर्त: भाई दूज को भाऊ बीज और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस साल भैया दूज के त्योहार के लिए शुभ मुहूर्त क्या है हम आपको बता रहे हैं। इसदिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं। इस साल यह त्योहार 1 नवंबर को मनाया जाएगा।

Author October 31, 2016 19:01 pm
भैया दूज पर्व पर अपने भाई को टीका लगाकर उसकी लंबी उम्र की मंगल कामना करती बहन।(File Photo)

भाई-बहन के परस्पर प्रेम तथा स्नेह का प्रतीक त्यौहार भैया दूज दीपावली के अगले या दूसरे दिन पड़ता है। इस त्योहार को पूरे देश में मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर उनके उज्ज्वल भविष्य व उनकी लम्बी उम्र की कामना करती हैं। यदि तिथि के मुताबिक देखें तो यह त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को पड़ता है। इसदिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं। इस साल यह त्योहार 1 नवंबर को मनाया जाएगा। भाई दूज को भाऊ बीज और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस साल भैया दूज के त्योहार के लिए शुभ मुहूर्त क्या है हम आपको बता रहे हैं…

भारत के चार महानगारों में भैया दूज टीका मुहूर्त इस प्रकार है: मुंबई में भैया दूज के दिन भाईयों को टीका के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर बाद 1 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर शाम 3 बजकर 45 मिनट तक है। वहीं, राजधानी दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और फरीदाबाद में भैया दूज पर भाईयों को टीका के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर बाद 1 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर शाम 3 बजकर 20 मिनट तक है। चेन्नई में भैया दूज पर्व पर भाईयों को टीका के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 1 मिनअ से शुरू होकर शाम 3 बजकर 20 मिनट तक है। वहीं, कोलकाता में भाई दूज टीका मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 2 बजकर 41 मिनट तक है।

वीडियो: भैया दूज के दिन अपने भाईयों को दें बधाई संदेश

भैया दूज के दिन ऐसे करें पूजा: भैया दूज वाले दिन बहने आसन पर चावल के घोल से चौक बनाएं। इस चौक पर अपने भाई को बिठाकर उनके हाथों की पूजा करें। सबसे पहले बहन अपने भाई के हाथों पर चावलों का घोल लगाए। उसके ऊपर सिंदूर लगाकर फूल, पान, सुपारी तथा मुद्रा रख कर धीरे-धीरे हाथों पर पानी छोड़ते हुए मंत्र बोले ‘गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को। सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें फूले फलें।’ इसके उपरांत बहन भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर कलावा बांधे और भाई के मुंह में मिठाई, मिश्री और माखन लगाएं। घर पर भाई सभी प्रकार से प्रसन्नचित्त जीवन व्यतीत करें, ऐसी मंगल कामना करें। उसकी लम्बी उम्र की प्रार्थना करें। उसके उपरांत यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जला कर घर की दहलीज के बाहर रखें। जिससे भाई के घर में किसी प्रकार का विघ्न-बाधां न आए और वह सुखमय जीवन व्यतीत करें।

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First Published on October 31, 2016 5:53 pm

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