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भृंगराज के तेल का करेंगे इस्तेमाल तो कभी नहीं झड़ेंगे बाल, तनाव भी होगा दूर

बालों पर भृंगराज का तेल लगाने के एक दो हफ्ते के भीतर ही इसका असर दिखना शुरू हो जाता है।
भृंगराज का प्राकृतिक उपचार आपको गंजेपन से बचाने में मदद कर सकता है।

बालों का रोज गिरना हर किसी को चिंतित कर देता है। ऐसे में गंजेपन से बचने के लिए लोग कई तरह के नुस्खे अपनाने के लिए बाध्य हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना 50-100 बालों का झड़ना सामान्य है। इनकी जगह पर नए बाल आते रहते हैं। लेकिन अगर इनसे ज्यादा बाल झड़ते हैं तो आपको थोड़ा सम्हल जाना चाहिए। डैंड्रफ या फिर बालों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की कमी की वजह से भी बालों के झड़ने की समस्या सामने आती है। ऐसे में भृंगराज का प्राकृतिक उपचार आपको गंजेपन से बचाने में मदद कर सकता है। भृंगराज एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसे एक्लिप्टा एल्बा नाम से जाना जाता है। बालों पर भृंगराज का तेल लगाने के एक दो हफ्ते के भीतर ही इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। बालों की हर समस्या में भृंगराज किस तरह से उपयोगी है, आज हम इसी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

डैंड्रफ से निजात – बालों के झड़ने का सबसे मुख्य कारण बालों में डैंड्रफ का होना है। भृंगराज के तेल से नियमित मसाज करने से स्‍कैल्‍प पर संक्रमण नहीं होता और इससे डैंड्रफ दूर रहती है। इसका नियमित इस्‍तेमाल बालों को असमय सफेद होने से भी रोकता है और बालों के प्राकृतिक रंग पर कोई असर नहीं पड़ता है।

बाल बढ़ाने में – भृंगराज बालों को बढ़ाने में मदद करता है। नियमित तौर पर बालों में भृंगराज तेल से मसाज करने पर स्‍कैल्‍प में रक्‍त का प्रवाह बढ़ जाता है। इससे बालों की जड़ें सक्रिय हो जाती हैं और बालों का बढ़ना शुरू हो जाता है।

तनाव दूर करने में – आयुर्वेद कहता है कि पित्‍त में असंतुलन की वजह से शरीर और मन में तनाव होता है। अगर नियमित रूप से भृंगराज का इस्‍तेमाल किया जाए तो यह पित्‍त के दोष को कम करता है। इस प्रकार यह तनाव को कम करने में भी मदद करता है। भृंगराज के तेल से मसाज करने से चिंता और सिरदर्द से भी राहत मिलती है।

ऐसे करें इस्तेमाल – भृंगराज का तेल बाजार में आसानी से मिल जाता है। इसे सिर पर लगाकर हल्की मसाज करें। फिर दो-तीन घंटे बाद शैंपू से बाल धो ले। भृंगराज का तेल एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए इसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है।

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