January 21, 2017

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शोएब अख्तर ने कहा-1996 का दौर मैच फिक्सिंग का दौर था, ड्रेसिंग रूम में नहीं था भाईचारा

दुनिया के कुछ सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार रावलपिंडी एक्सप्रेस ने कहा, 'मैने हमेशा इन सबसे दूरी बनाए रखी और दूसरों को भी इससे बचते हुए गरिमा और गंभीरता से खेलने की सलाह देता था।'

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा कि 1996 में मैच फिक्सिंग अपने चरम पर था।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा है कि 1996 में मैच फिक्सिंग अपने चरम पर थी। अख्तर ने उस दौरान ड्रेसिंग रूप में माहौल को लेकर कहा, ‘ड्रेसिंग रूम में माहौल अनुकूल नहीं था।’ अख्तर ने जियो न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, ‘मुझ पर विश्वास कीजिए उस समय (1996) ड्रेसिंग रूम का माहौल सबसे बदतर था।’ उन्होंने कहा, ‘सिर्फ क्रिकेट के अलावा काफी कुछ चल रहा था और ड्रेसिंग रूप में क्रिकेट पर ध्यान देना मुश्किल था। वह क्रिकेट के लिए खराब दौर था।’

दुनिया के कुछ सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार रावलपिंडी एक्सप्रेस ने कहा, ‘मैने हमेशा इन सबसे दूरी बनाए रखी और दूसरों को भी इससे बचते हुए गरिमा और गंभीरता से खेलने की सलाह देता था।’ अख्तर ने दावा किया कि उन्होंने 2010 में तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को भी ऐसे लोगों से मिलने-जुलने से बचने की सलाह दी थी, जो मैच फिक्सिंग के लिए खिलड़ियों को लालच देते थे। गौरतलब है कि मोहम्मद आमिर 2010 में ही मैच फिक्सिंग के दोषी पाए गए थे, जिसके चलते उन्हें पांच वर्षो का प्रतिबंध झेलना पड़ा था। आमिर ने पिछले वर्ष दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर ली।

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हाल ही में पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद और शाहिद आफरीदी के बीच विवाद को खत्म करने में भी शोएब अख्तर ने मध्यस्थता की थी। अख्तर ने पाकिस्तान के दोनों पूर्व कप्तानों से बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने के लिए कहा था। गौरतलब है कि जावेद मियांदाद ने शाहिद आफरीदी पर पैसों के लिए मैच फिक्स करने का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में मियांदाद ने सफाई देते हुए कहा था, ‘गुस्से में कुछ बातें निकल गईं और मैंने भी कुछ अनुचित बातें कह दीं। मैं अपना बयान वापस लेता हूं।’

शोएब अख्तर ने कहा, ‘बातचीत के जरिए विवाद खत्म करना सबसे अच्छा तरीका है। मैंने शाहिद आफरीदी और जावेद भाई से मामला अदालत में ले जाने की बजाय आपस में सुलझाने के लिए कहा था। अख्तर ने कहा कि अगर यह मामला अदालत में जाता तो बहुत से नाम घसीटे जाते। अख्तर ने कहा, ‘मेरी सबसे बड़ी चिंता यही थी कि अगर दोनों आपसी मामले को अदालत में ले जाते हैं तो कई और लोगों का नाम घसीटा जाएगा। इसलिए मैंने शाहिद आफरीदी को जावेद मियांदाद को कानूनी नोटिस भेजने से मना किया और जावेद भाई को अपने गुस्से पर काबू रखने की सलाह दी और सार्वजनिक तौर पर कोई विवादित बयान देने से बचने के लिए कहा। उन्होंने अनुचित बातें कहकर हद पार कर दी थी।’

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First Published on October 17, 2016 8:18 pm

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