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रतचानोक और मोमोता ने इंडिया ओपन बैडमिंटन खिताब जीता

रतनाचोक इंतानोन इंडिया ओपन में तीसरी बार फाइनल में पहुंचीं थीं और उन्होंने दूसरी बार इस खिताब पर कब्जा जमाया है।
इंतानोन ने सीधे गेमों में ली को 21-17, 21-18 से हराया।(पीटीआई फोटो)

थाईलैंड की टॉप महिला शटलर रतनाचोक इंतानोन ने रविवार को अपने खेल को ऊंचाई दी और ओलंपिक चैंपियन चीन की ली शुरुई को सीधे गेमों में हरा कर इंडिया ओपन सुपर सीरीज में महिलाओं का सिंगल्स का खिताब जीत लिया। रतनाचोक इंतानोन इंडिया ओपन में तीसरी बार फाइनल में पहुंचीं थीं और उन्होंने दूसरी बार इस खिताब पर कब्जा जमाया है। ली भी इससे पहले 2012 में इंडिया ओपन जीत चुकीं हैं। लेकिन इस बार उनका फिर से खिताब पर कब्जा जमाने का सपना पूरा नहीं हो पाया। विश्व की पूर्व नंबर एक चीनी खिलाड़ी पर 11 मुकाबलों में इंतानोन की चौथी जीत है।

रतनाचोक इंतानोन रविवार को सिरी फोर्ट खेल परिसर कोर्ट पर पूरी लय में दिखीं और अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वि को कभी भी जमने नहीं दिया। इंतानोन ने कोर्ट पर बेहतरीन स्मैश लगाए और कुछ दर्शनीय रिटर्न कर दर्शकों को रोमांचित किया। उन्होंने नेट पर भी कलाकारी दिखाई और रैलियों में भी अपनी महारत साबित की। कुछ बेहतरीन ड्रॉप शॉट के जरिए अंक जुटा कर रतनाचोक इंतानोन ने ली को विचलित भी किया। उनके सधे प्रदर्शन की वजह से ली ने मैच के दौरान कई अनचाही गलतियां कीं। जिसका फायदा उठाने में रतनाचोक इंतानोन नहीं चूकीं। रतनाचोक इंतानोन रविवार को पूरे रंग में दिखीँ। उन्होंने बैकहैंड और फोरहैंड पर बेहतरीन रिटर्न लगाए और रैलियों पर ज्यादा जोर दिया। इससे ली अपने खेल पर संयम नहीं रख सकीं और अपने शाट या तो नेट में उलझाए या फिर बाहर मार दिए। हालांकि कोशिश जरूर उन्होंने की कि इंतानोन को अपनी रणनीति मे उलझा कर खिताब पर कब्जा जमाएं, लेकिन इंतानोन ने बिना किसी परेशानी के उनके हर शाट का जवाब दिया। रतनाचोक इंतानोन को मैच जीतने में महज 42 मिनट लगे। इससे ही उनका दबदबा साबित होता है। इंतानोन ने सीधे गेमों में ली को 21-17, 21-18 से हराया। इंतानोन पिछले साल फाइनल में सायना से हार गर्इं थीं।

इंतानोन ने पहले गेम से ही रंदत में दिखीं औरल कभी भी ली को आगे निकलने नहीं दिया। हालांकि शुरुआत में जरूर उन्होंने कुछ आसान गलतियां कीं लेकिन एक बार लय में आने के बाद ली को संभलने का मौका नहीं दिया। पहला गेम 21-17 से निकालने के बाद दूसरे गेम में भी उन्होंने शुरुआत में ही बढ़त बना ली थी। लेकिन ली ने मैच में वापसी करने की कोशिश की और बढ़त को कम किया। ब्रेक के समय ली 7-11 से पिछड़ रहीं थीं। ब्रेक के बाद उन्होंने अंतर कम जरूर किया लेकिन इंतानोन ने उन्हें हावी होने का मौका नहीं दिया। दोनों के बीच दूसरे गेम में कुछ अच्छी रैलियां देखने को मिलीं। इंतानोन ने निर्णायक क्षणों पर भी अपने को संयमित रखा। दूसरे गेम में 20-15 से बढ़त लेकर वे खिताब जीतने के करीब थीं, लेकिन ली ने वापसी की कोशिश की और दो मैच प्वांयट बचाए। लेकिन 18-20 पर सर्विस कर रही ली इंतानोन के अपने दाएं लगाए बेहतरीन स्मैश को रिटर्न नहीं कर सकीं और इसी के साथ उनका संघर्ष भी खत्म हो गया।

पुरुषों का सिंगल्स खिताब जापान के केंटो मोमोता ने जीता। उन्होंने डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन को 21-15, 21-18 से हराकर अपना पहला खिताब जीता। यह मोमोता का कुल चौथा सुपर सीरीज खिताब है। मोमोता ने भी मैच को एकतरफा बना डाला। पहले गेम से ही उन्होंने खेल पर अपनी गिरफ्त बना ली थी। उनके स्मैशों व रिटर्न का विक्टर के पास कोई जवाब नहीं था। पहले गेम में 17-9 से पिछड़ने के बाद विक्टर ने वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन वे सिर्फ अंकों का अंतर ही कम कर सके, मोमोता को जीत से नहीं रोक सके। दूसरे गेम में वे थोड़ा लय में जरूर दिखे और कुछ मौकों पर मोमोता को परेशानी में भी डाला लेकिन मोमोता विचलित नहीं हुए और दूसरा गेम भी निकाल कर खिताब पर कब्जा जमाया।

महिला डबल्स का खिताबी मुकाबला जापानी टीमों के बीच था। मिसाकी मात्सुतोमो और अयाका तकाहाशी की जोड़ी ने नाओको फकुमैन और कुरू मी योनाओ को 57 मिनट में 21-18, 21-18 से हरा कर महिला डबल्स का खिताब जीता। जबकि लु काइ और हुआंग याकियोंग की चीनी जोड़ी ने इंडोनशिया के रिकी विडियांतो और पुष्पिता रिची दिली को 21-13, 21-16 से हराकर मिक्सड डबल्स का खिताब जीता। पुरुष डबल्स में इंडोनेशिया के गिडियोन मार्कस फर्नाल्डी और केविन संजय सुकामुल्जो ने हमवतन अंगा प्रतामा और रिकी कर्नाड सुवार्डी को 21-17, 21-13 से हराकर खिताब हासिल किया।

मैच के बाद इंतानोन ने कहा कि ली कुशल और आक्रामक खिलाड़ी है। मैंने इस मैच की अच्छी तैयारी की थी। मेरा लक्ष्य गलतियों से बचना था। मैच के दौरान शटल काफी तेजी से जा रही थी और इसलिए मैं डबल्स मैच की तरह खेली। मैंने अपनी एकाग्रता बनाए रखी और इसका फायदा मुझे मिला। दूसरी तरफ पुरुषों के वर्ग के चैंपियन मोमोता ने कहा कि दूसरे सुपर सीरीज फाइनल खेलने की वजह से मेरा काम आसान हुआ। उन फाइनलों के अनुभव ने मेरी मदद की। मैं आज अपनी रणनीति को अच्छी तरह से लागू करने में सफल रहा। निश्चित ही इस जीत से मेरा ओलंपिक के लिए मनोबल बढ़ेगा।

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