December 08, 2016

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खेलों को समवर्ती सूची में लाने के लिए प्रस्ताव पारित: विजय गोयल

2009 में भी खेल मंत्रालय ने इस तरह के प्रयास किए थे लेकिन राज्यों में आम सहमति नहीं बनने से यह विधेयक वापस ले लिया गया था।

Author नई दिल्ली | October 27, 2016 21:09 pm
युवा एवं खेल मामलों के मंत्री विजय गोयल। (फाइल फोटो)

खेल मंत्री विजय गोयल ने गुरुवार (27 अक्टूबर) को कहा कि खेलों को भारतीय संविधान की राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित करने के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया है। यह बैठक सरकार ने बुलायी थी। गोयल ने कहा कि एनएसएफ खेलों को राज्य सूची से समवर्ती सूची में लाने के लिए प्रयास करने को सहमत हो गए हैं हालांकि उन्होंने साथ में यह कहा कि इस मामले में आगे बढ़ने से पहले राज्य सरकारों से परामर्श किया जाएगा।’ गोयल ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘यह मंत्रालय की राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ दूसरी बैठक है। हमने इससे पहले कुछ एनएसएफ के साथ बैठक की थी और आज (गुरुवार, 27 अक्टूबर) की दूसरी बैठक में 20 से अधिक एनएसएफ ने हिस्सा लिया। वे सभी चाहते थे कि खेलों को संविधान की राज्य सूची में रखने के बजाय उसे समवर्ती सूची में शामिल करना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमने आज महत्वपूर्ण फैसला किया और आज उपस्थित एनएसएफ ने एक प्रस्ताव पारित किया कि खेलों को समवर्ती सूची में रखा जाना चाहिए।’ गोयल ने कहा, ‘इसके लिए एक प्रक्रिया है तथा हमें राज्य सरकारों और उनके खेल मंत्रियों से परामर्श करना होगा। इसके बाद हम आगे बढ़ेंगे और उम्मीद है कि खेलों को समवर्ती सूची में शामिल कर दिया जाएगा। इससे केंद्र और राज्य सरकारें दोनों देश में खेलों की बेहतरी के लिए मिलकर काम कर पाएंगे।’

खेलों को समवर्ती सूची में लाना हालांकि आसान नहीं है। इससे पहले 2009 में भी खेल मंत्रालय ने इस तरह के प्रयास किए थे लेकिन राज्यों में आम सहमति नहीं बनने से यह विधेयक वापस ले लिया गया था। केंद्रीय कैबिनेट 1988 में भी खेलों को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित करना चाहती थी ताकि राष्ट्रीय खेल नीति प्रभावी तरीके से लागू की जा सके लेकिन 2009 में कैबिनेट ने आम सहमति नहीं बनने के कारण संविधान के (61वें संशोधन) विधेयक को वापस लेने का फैसला किया था। गोयल से पूछा गया कि क्या खेलों को समवर्ती सूची में शामिल करना क्या खेल विधेयक को पारित करवाने का खेल मंत्रालय के प्रयास से जुड़ा है, उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि खेल विधेयक लाने से पहले उस पर अभी अधिक लोगों से परामर्श किया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि बैठक में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में बताने के लिये भारतीय खेलों पर त्रैमासिक पत्रिका निकालने पर भी सहमति बनी। गोयल ने कहा, ‘सभी एनएसएफ का मानना था कि लोग प्रत्येक खेल की उपलब्धियों के बारे में नहीं जानते और इसलिए खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। इसलिए त्रैमासिक पत्रिका निकालने पर सहमति बनी।’ इसके अलावा सरकार ने 26 एनएसएफ में से कुछ के अनुदान फिर से शुरू करने का भी फैसला किया। इनमें वे खेल हैं जिन्हें खेल मंत्रालय की प्राथमिकता सूची में ‘अन्य’ वर्ग में शामिल किया गया था। इनके अनुदान 2014 में रोक दिए गए थे।

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First Published on October 27, 2016 9:09 pm

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