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प्रो कुश्ती लीग का दूसरा चरण 15 दिसंबर से

पिछली बार 54 खिलाड़ियों का पूल था, जिसे इस बार बढ़ाकर करीब 80 का कर दिया गया है।
Author नई दिल्ली | October 13, 2016 22:02 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

प्रो कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) का दूसरा चरण 15 दिसंबर से शुरू होगा जिसमें आठ टीमें शिरकत करेंगी। इस बार इसमें पिछली साल से दो टीमें ज्यादा भाग लेंगी। यह लीग इस बार एक महीना चलेगी। आयोजन स्थलों को भी पांच से बढ़ाकर आठ किया गया है। टीम की संख्याओं में इजाफा करने के अलावा पीडब्ल्यूएल ने गुरुवार (13 अक्टूबर) को आगामी दूसरे सत्र के लिए कई खिलाड़ियों को जोड़ने की घोषणा की। पिछली बार 54 खिलाड़ियों का पूल था, जिसे इस बार बढ़ाकर करीब 80 का कर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय पहलवानों की संख्या भी 24 से बढ़कर करीब 40 तक पहुंच गई है।

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, प्रो स्पोर्टीफाई के संस्थापक और प्रमोटर कार्तिकेय शर्मा और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के स्पोर्ट्स और वितरण के अध्यक्ष राजेश कौल ने इस लीग के दूसरे चरण की घोषणा की। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, ‘भारतीय कुश्ती ने देश में खेलों के विकास में अहम योगदान दिया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारे पहलवानों का लगातार तीसरे ओलिम्पिक में पदक जीतना है। शायद यही वजह है कि देश में कुश्ती के चाहने वालों की संख्या में खूब इजाफा हुआ है। यहां तक कि स्थानीय दंगलों में भी पहलवान इस खेल का भरपूर लुत्फ उठाते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘प्राप्त आंकड़ों से भी स्पष्ट है कि साल भर में ओलिम्पिक की सभी स्पर्धाओं में कुश्ती को देखने वालों की संख्या में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि हुई है। यह सब कुश्ती अधिकारियों की कड़ी मेहनत, राज्य इकाइयों की सक्रियता और पीडब्ल्यूएल के कमर्शियल पार्टनर प्रो स्पोर्टीफाई के बेहद कम समय में लीग के आयोजन को अंजाम तक पहुंचाने की वजह से सम्भव हुआ है।’ कार्तिकेय शर्मा ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के अनुकूल मैट के नियमों और इस खेल की सम्पन्न विरासत का निर्वाह करते हुए हमने टीवी दर्शकों के लिए दोस्ताना प्रारूप सबके सामने रखा। इस बारे में हमारे तीन प्रयोग कारगर रहे।’

उन्होंने कहा, ‘हमने इस वैयक्तिक खेल को टीम खेल का रूप दिया जिसमें हर टीम में पुरुष और महिला पहलवानों की समान संख्या को निर्धारित किया गया। इस खेल में दो टीमों के मुकाबले से पहले टॉस की शुरुआत की गई और पहलवानों को ब्लॉक करने से इस खेल में रोमांच अपनी पराकाष्ठा पर पहुंच गया।’ उन्होंने कहा, ‘यह खेल भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है और यह भारत की विश्व को खेलों के क्षेत्र में सबसे बड़ी देन है। हमारे साथ पहले सत्र में इस खेल के तकरीबन तीन करोड़ प्रशंसक जुड़े।’ उन्हें विश्वास है कि इस संख्या में इस बार और भी इजाफा होगा।

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First Published on October 13, 2016 10:02 pm

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