December 11, 2016

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एफआईएच अध्यक्ष नरिंदर बत्रा का फोकस हॉकी की लोकप्रियता और दायरा बढ़ाने पर

एफआईएच अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय टीमों की संख्या 10-12 से बढ़ाकर 20-25 करना चाहते हैं।

Author नई दिल्ली | November 15, 2016 18:59 pm
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा। (फाइल फोटो)

अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के पहले गैर यूरोपीय अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने मंगलवार (15 नवंबर) को कहा कि उनका मुख्य फोकस 10 साल की हॉकी क्रांति रणनीति पर होगा जिसकी शुरुआत 2019 में होगी और इसका लक्ष्य खेल को अधिक लोकप्रिय बनाने के साथ उसका दायरा बढ़ाना होगा। पिछले सप्ताह एफआईएच के अध्यक्ष चुने गए बत्रा ने कहा कि हॉकी क्रांति कार्यक्रम के तहत एफआईएच नौ अंतरराष्ट्रीय टीमों की ‘होम एंड अवे’ लीग शुरू करेगा जो ओलंपिक और विश्व कप क्वॉलीफायर भी होगी। उन्होंने एफआईएच अध्यक्ष बनने के बाद पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा,‘मेरा जुनून एक ही खेल है और वह है हॉकी। मैं खेल में योगदान देना चाहता हूं ताकि इसे अधिक लोकप्रिय बनाया जा सके।’उन्होंने कहा,‘योजना के तहत एफआईएच 2019 से 10 साल का हॉकी रिवोल्यूशन कार्यक्रम शुरू करेगा। इसका लक्ष्य अगली पीढ़ी को खेल अपनाने के लिये प्रेरित करना है ताकि हाकी को और लोकप्रिय बनाया जा सके और इसका दायरा बढ़े।’ उन्होंने कहा,‘2019 से हम साल भर हॉकी देख सकेंगे। हम एक नई लीग शुरू करेंगे जो काफी अहम होगी। यह होम एंड अवे लीग होगी जिसमें नौ देश भाग लेंगे।’

बत्रा ने कहा,‘यह लीग ओलंपिक और विश्व कप की क्वॉलीफायर होगी। लीग से शीर्ष दो टीमें ओलंपिक और विश्व कप के लिए क्वॉलीफाई करेगी। लीग का आयोजन छह महीने के भीतर होगा और शनिवार रविवार को मैच होंगे।’ बत्रा ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देशों में मैच नहीं हो सकने की दशा में तटस्थ स्थानों पर मैच कराने का भी विकल्प है। उन्होंने कहा,‘हमने पाकिस्तान जैसी टीमों के लिए तटस्थ स्थानों का भी विकल्प रखा है बशर्ते वे खेलने को तैयार हो।’ उन्होंने कहा कि वह हॉकी का दायरा और राजस्व बढ़ाने के लिए वैश्विक स्तर पर इसे ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा,‘मेरा काम हॉकी को अफ्रीका, पेन अमेरिका, ओशियाना और एशिया में फैलाना है। मैं अंतरराष्ट्रीय टीमों की संख्या 10-12 से बढ़ाकर 20-25 करना चाहता हूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व हॉकी में महत्वपूर्ण बाजार रहेगा। उन्होंने इन अटकलों को खारिज किया कि हॉकी के ओलंपिक से बाहर होने का खतरा है।

उन्होंने कहा,‘अगले 16 साल तक तो मुझे ऐसी कोई आशंका नहीं दिखती। हॉकी की रेटिंग, दर्शक संख्या कई गुना बढ़ी है। यदि ऐसा नहीं होता तो हमें आईओसी से अनुदान नहीं मिलता।’ बत्रा ने इन अटकलों को खारिज किया कि पाकिस्तान अगले महीने लखनऊ में होने वाले जूनियर विश्व कप में भाग नहीं लेगा। उन्होंने कहा,‘जहां तक एफआईएच का मामला है, पाकिस्तान ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। हम शेड्यूल और उनके आने का रूट पता चलने पर सुरक्षा का इंतजाम करेंगे लेकिन फैसला दोनों सरकारों पर निर्भर करता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान को जूनियर विश्व कप में भाग लेने के लिये भारत आने की अनुमति नहीं मिलती है तो एफआईएच के पास बैकअप प्लान भी है।

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First Published on November 15, 2016 6:49 pm

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