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भरत अरुण: केवल पांच विकेट लेने वाले को जहीर खान की जगह क्‍यों लाना चाहते हैं रवि शास्‍त्री, जानिए

India Cricket Bowling Coach: भरत अरुण साल 2014 में पहली बार तब राष्ट्रीय टीम के गेंदबाजी कोच बनाए गए जब रवि शास्त्री टीम के डायरेक्टर थे।
रवि शास्त्री के साथ भरत अरुण का परिचय 37 साल पुराना है।

लम्बे विवाद के बाद रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनाए जाने की घोषणा के चंद रोज बाद ही एक नया विवाद शुरू हो गया। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि शास्त्री भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की पसंद होने की वजह से कोच बनाए गए। उनके कोच बनने के बाद मीडिया में खबरें आने लगीं कि शास्त्री चाहते हैं कि 54 वर्षीय भरत अरुण टीम के गेंदबाजी कोच बनें। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को भारतीय टीम का गेंदबाजी सलाहकार नियुक्त किया था। इस मामले के विवादों से घिर जाने के बाद शुक्रवार (14 जुलाई) को बीसीसीआई ने साफ किया कि गेंदबाजी कोच के रूप में जहीन खान और बल्लेबाजी को सलाहकार के तौर राहुल द्रविड़ की नियुक्ति “दौरा विशेष” के लिए की गई है। भारतीय टीम 26 जुलाई से श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली है जहां तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगी।  बीसीसीआई ने ये भी साफ किया है कि सीएसी ने रवि शास्त्री की मर्जी के खिलाफ द्रविड़ और खान की नियुक्ति की अनुशंसा नहीं की थी। आखिर कौन हैं भरत अरुण और शास्त्री उन्हें गेंदबाजी कोच क्यों बनाना चाहते हैं?

शास्त्री और अरुण का परिचय करीब तीन दशक पुराना है। भरत अरुण के विकीपीडिया प्रोफाइल के अनुसार वो 1979 में श्रीलंका जाने वाले अंडर-19 क्रिकेट टीम के सदस्य थे, जबकि रवि शास्त्री उसके कप्तान थे। भरत अरुण ने 1986 में गेंदबाज के तौर पर अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट और वनडे डेब्यू किया। रवि शास्त्री उनसे पहले 1981 में ही राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बना चुके थे। हालांकि अरुण का करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और वो महज दो टेस्ट और चार वनडे ही खेल पाए। वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के छह मैचों के अपने करियर में कुल पांच विकेट ही ले पाए। कुछ मीडिया रिपोर्ट में अरुण को आलराउंडर बताया गया है इसलिए यहां ये जानना जरूरी है कि उन्होंने कुछ छह अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 25 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनका अधिकतम स्कोर नाबाद दो रन रहा तो वनडे में आठ रन।

अरुण साल 2014 में पहली बार तब राष्ट्रीय टीम के गेंदबाजी कोच बनाए गए जब रवि शास्त्री टीम के डायरेक्टर थे। अरुण शास्त्री के टीम इंडिया के मैनेजर रहने तक गेंदबाजी कोच रहे। कहा जाता है कि रवि शास्त्री के कहने पर ई श्रीनिवासन ने अरुण को राष्ट्रीय टीम का बॉलिंग कोच बनाया था। अरुण को जब राष्ट्रीय टीम का गेंदबाजी कोच बनाया गया तो वो तमिलनाडु क्रिकेट संघ के कोचिंग डायरेक्टर थे। अरुण उससे पहले नेशनल क्रिकेट अकादमी, बेंगलुरु के मुख्य गेंदबाजी कोच थे।  अरुण पश्चिम बंगाल क्रिकेट संघ, इंडिया ए और इंडिया अंडर-19 के भी कोच रह चुके हैं।

खबरों के अनुसार शास्त्री मानते हैं कि अरुण बहुत अच्छे गेंदबाजी कोच हैं। खबरों में दावा किया गया कि शास्त्री ने सीएसी से कहा कि जहीर खान बहुत अच्छे गेंदबाज हैं और वो उनका काफी सम्मान करते हैं लेकिन कोचिंग देने काफी अलग काम है और जहीर को उसके लिए तैयार होने में वक्त लगेगा। शास्त्री ने कहा कि जहीर खान गेंदबाजी सलाहकार बन सकते हैं और टीम इंडिया की गेंदबाजी में सुधार के लिए योजना बना सकते हैं जिसे पूर्णकालिक कोच के तौर पर अरुण अमलीजामा पहना सकते हैं। शास्त्री ने सीएसी से जहीर खान के साल में केवल 100 दिन उपलब्ध रहने को भी एक बड़ी दिक्कत बताया। पूर्णकालिक कोच को साल में कम से कम 250 दिन देने होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार जहीर खान ने गेंदबाजी कोच के रूप मे चार करोड़ रुपये मेहनताने की मांग की है जो शास्त्री को अधिक लगा।

रिपोर्ट के अनुसार शास्त्री ने जब 2016 में कोच पद के लिए इंटरव्यू दिया था तब उन्होंने सीएसी से कहा था कि वो कोच बनाए जाने पर अपने छह पुराने सहयोगी स्टाफ को दोबारा अपना साथ रखेंगे। ये सहयोगी स्टाफ थे, बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़, गेंदबाजी कोच भरत अरुण, फील्डिंग कोच आर श्रीधर, फीजियो पैट्रिक फरहार्ट, ट्रेनलर शंकर बूस और टीम सहायक रघु। 2016 में सीएसी ने शास्त्री पर तरजीह देते हुए अनिल कुंबले को एक साल के लिए टीम का कोच नियुक्त किया था।

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