June 29, 2017

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नॉकआउट मैचों में बुरा रहा है विराट कोहली का प्रदर्शन, सचिन तेंडुलकर और रिकी पॉन्टिंग के तो आसपास भी नहीं टिकते

इसमें कोई शक नहीं कि कोहली मौजूदा दौर में वनडे के नंबर एक बल्लेबाज हैं। उनके 184 मैचों में 8013 रन हैं। वनडे में उन्होंने 27 शतक और 42 अर्धशतक जड़े हैं वो भी 54.14 की औसत और 91 की स्ट्राइक रेट से।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली।

चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम को मिली करारी हार ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के चमचमाते करियर पर एक और बदनुमा दाग लगा दिया है। कोहली के शानदार वनडे रिकॉर्ड ने उनकी एक कमजोरी को जगजाहिर कर दिया है। इसमें कोई शक नहीं कि कोहली मौजूदा दौर में वनडे के नंबर एक बल्लेबाज हैं। उनके 184 मैचों में 8013 रन हैं। वनडे में उन्होंने 27 शतक और 42 अर्धशतक जड़े हैं वो भी 54.14 की औसत और 91 की स्ट्राइक रेट से। लेकिन नॉक आउट मैचों में-चाहे को क्वॉटर फाइनल हो, सेमीफाइनल हो या फिर किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल मैच, उनका रिकॉर्ड बहुत खराब है। एेसे मैचों में उनका औसत 23 से भी कम है।

हालांकि इसका सैंपल साइज काफी कम है, यानी उनके 184 मैचों में 14 एलिमिनेशन मैच थे। लेकिन इन मैचों में उन्होंने कुल 2 अर्धशतक लगाए और 31.36 की औसत से कुल 345 बनाए। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि जब भी कोहली नहीं चले तो भारतीय टीम हार गई। इन 14 मैचों में से 9 में टीम इंडिया ने जीत हासिल की, जिसमें 2011 का विश्व कप फाइनल भी शामिल है। वहीं 5 मैच टीम इंडिया हार गई।

सचिन-पॉन्टिंग से पीछे: लेकिन अगर कोहली की तुलना महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर से करें तो कोहली उनसे अभी बेहद पीछे नजर आते हैं। सचिन तेंडुलकर ने अपने वनडे करियर में 463 मैच खेले हैं और इसमें उनका औसत 44.83 का रहा था। वहीं नॉकआउट मैचों की बात करें तो 52 मैचों में उनका औसत 52.84 का रहा। दूसरी ओर अॉस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पॉन्टिंग भी एेसे खिलाड़ी हैं, जिनका फाइनल, सेमीफाइनल या क्वॉटर फाइनल मैचों में शानदार रिकॉर्ड रहा है। पॉन्टिंग का पूरे करियर का औसत 42.03 है, वहीं नॉकआउट मैचों में यह 39.76 था। एलिमिनेशन मैचों में पॉन्टिंग के लगाए गए 4 शतकों में से 2 उन्होंने टूर्नामेंट के फाइनल में जड़े थे। इनमें से एक पारी उन्होंने 2003 के विश्व कप में खेली थी, जिसमें उन्होंने नाबाद 140 रन बनाए थे। बाकी 2 सेंचुरी उन्होंने सेमीफाइनल मैचों में जड़ी थीं।

कब-कब आउट हुए कोहली : नॉकआउट मैचों में कोहली सबसे पहली बार ढाका में खेली गई त्रिकोणीय श्रृंखला में आउट हुए थे। इसके बाद अॉस्ट्रेलिया के खिलाफ 2011 के वर्ल्ड कप क्वॉटर फाइनल में भी वह महज 24 रन बनाकर आउट हो गए थे। पाकिस्तान के खिालफ सेमीफाइनल में उन्होंने महज 9 रन बनाए थे। जबकि फाइनल में वह 35 रन बनाकर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कॉट एंड बोल्ड हो गए थे।

इन मैचों में शानदार रहा प्रदर्शन: कोहली ने 2013 की चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 58 रन ठोके थे। वही फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 43 रन मारे थे। 2017 की चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उन्होंने कमजोर टीम बांग्लादेश के खिलाफ 96 रन ठोके थे।

विराट कोहली के बारे में 10 ऐसी दिलचस्प बातें जो आप नहीं जानते होंगे, देखें वीडियो ः

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First Published on June 20, 2017 4:28 pm

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