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कैरेबियाई सरजमीं पर रिकॉर्ड सुधारने की कोशिश करेगी टीम इंडिया

भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक कुल 90 टेस्ट मैच खेले गए हैं जिसमें से भारत ने 16 में जीत दर्ज की है जबकि 30 मैच में उसे हार मिली है।
Author बासेटेर | July 8, 2016 16:10 pm
अभ्यास सत्र के दौरान बेंगलुरु में भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली। (पीटीआई फाइल फोटो)

वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले 15 टेस्ट मैचों में से आठ में जीत और बाकी सात को ड्रा कराने वाली भारतीय क्रिकेट टीम 21 जुलाई से शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में कैरेबियाई सरजमीं पर अपने रिकॉर्ड को सुधारने की कोशिश करेगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक कुल 90 टेस्ट मैच खेले गए हैं जिसमें से भारत ने 16 में जीत दर्ज की है जबकि 30 मैच में उसे हार मिली है। बाकी 44 मैच ड्रा रहे हैं। पिछले कुछ समय से वेस्टइंडीज की टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और तब से भारत ने उस पर पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा है।

भारत ने अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पिछली पांचों टेस्ट श्रृंखलाओं में जीत दर्ज की है। इनमें से दो श्रृंखलाएं वेस्टइंडीज में खेली गयी। इस दौरान कैरेबियाई टीम एक भी मैच नहीं जीत पायी। आज भी वेस्टइंडीज की टीम के पास स्टार खिलाड़ियों की कमी है और इसलिए विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय युवा टीम के पास वेस्टइंडीज में रिकॉर्ड सुधारने का यह बेहतरीन मौका माना जा रहा है।

कैरेबियाई धरती पर भारत ने अब तक 45 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें से उसने पांच मैचों में जीत दर्ज की है जबकि 16 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। भारत ने वेस्टइंडीज में पहली जीत मार्च 1971 में पोर्ट आफ स्पेन में दर्ज की थी। अजित वाडेकर की अगुवाई वाली टीम ने तब सात विकेट से जीत हासिल करके पांच मैचों की श्रृंखला भी अपने नाम की और भारतीय क्रिकेट में नया इतिहास रचा।

इसके बाद अप्रैल 1976 में बिशन सिंह बेदी के नेतृत्व में भारत ने पोर्ट ऑफ स्पेन में ही छह विकेट से जीत दर्ज की थी। भारत को हालांकि कैरेबियाई सरजमीं पर टेस्ट मैचों में अगली जीत के लिए 26 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था। आखिर में सौरव गांगुली की टीम ने पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट 37 रन से जीतकर यह इंतजार खत्म किया था। यही वह मैच था जिसमें सचिन तेंदुलकर ने वेस्टइंडीज की धरती पर अपने करियर का एकमात्र शतक लगाया था। उन्होंने भारत की पहली पारी में नाबाद 117 रन बनाए थे। वीवीएस लक्ष्मण ने दोनों पारियों में जोरदार अर्धशतकीय पारियां खेली थी और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

भारत को वेस्टइंडीज में अगली जीत दर्ज करने के लिए हालांकि लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। राहुल द्रविड़ की अगुवाई में टीम ने जुलाई 2006 में किंग्सटन में चौथा टेस्ट मैच 49 रन से जीतकर श्रृंखला अपने नाम की थी। इसके बाद जब भारतीय टीम 2011 में वेस्टइंडीज दौरे पर गयी तो उसने किंग्सटन में ही पहला टेस्ट मैच 63 रन से जीता था जो बाद में निर्णायक साबित हुआ। इस मैच से वर्तमान कप्तान कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण भी किया था। वह हालांकि इस मैच में प्रभावित नहीं कर पाए थे और उन्होंने दो पारियों में चार और 15 रन बनाए थे। तब भारतीय टीम की कमान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत को सर्वाधिक सफलताएं दिलायी हैं।

धोनी की कप्तानी में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कुल आठ मैच खेले हैं जिनमें से पांच में भारत ने पांच में जीत दर्ज की जबकि आठ मैच ड्रा रहे। इसके बाद गांगुली का नंबर आता है। उनकी कप्तानी में भारत ने आठ मैचों में से तीन में जीत हासिल की जबकि दो मैच में उसे हार मिली। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अब तक कुल सात बार टेस्ट श्रृंखला जीती है।

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