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टीम में साहसी युवाओं की जरूरत : धोनी

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि शानदार फार्म में चल रहे आस्ट्रेलिया के सामने उन्हें उतारने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि टीम को साहसी युवाओं की जरूरत है।
Author कैनबरा | January 19, 2016 01:38 am
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि शानदार फार्म में चल रहे आस्ट्रेलिया के सामने उन्हें उतारने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि टीम को साहसी युवाओं की जरूरत है। (एपी फोटो)

अपनी पदार्पण शृंखला में ही बरिंदर सरन और मनीष पांडे को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि शानदार फार्म में चल रहे आस्ट्रेलिया के सामने उन्हें उतारने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि टीम को साहसी युवाओं की जरूरत है। आस्ट्रेलिया ने पांच वनडे मैचों की शृंखला में 3-0 की विजयी बढ़त बना ली है। युवाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन नहीं किया है लेकिन धोनी का मानना है कि इतनी जल्दी उनके प्रदर्शन का आकलन करना गलत है। सरन ने तीन मैचों में तीन विकेट लिए जबकि पांडे पिछली मैच में छह रन ही बना सके। धोनी ने कहा, ‘यदि आपको देश के लिए खेलने का मौका मिला है, तो हालात चाहे जो हों, यह ज्यादती नहीं है। बतौर कप्तान आपको युवाओं को यही सीख देनी होती है।’ उन्होंने कहा, ‘पांचवें या छठे नंबर के बल्लेबाजों को अंत तक खेलने की सोचना चाहिए और यदि वे अच्छा खेल रहे हैं अंत तक नाबाद है तो अच्छा है। आप टीम में इसी तरह का माहौल चाहते हैं।’

धोनी ने कहा कि अभी तक के प्रदर्शन से उनकी प्रतिभा की बानगी नहीं मिली है। लेकिन उनके जज्बे का पता चला है। धोनी ने कहा, ‘पांडे, मान और धवन को बड़े शाट खेलने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। जब आप कठिन मैच खेलते हैं, तो आपको सामान्य वनडे की तुलना में अधिक अनुभव मिलता है।’ उन्होंने कहा,‘आप उनके प्रदर्शन की समीक्षा नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने 12 से 15 गेंद ही खेली है लेकिन इन गेंदों को खेलने के आधार पर उनके जज्बे का पता चलता है।’ उन्होंने कहा, ‘आपको इसी को प्रोत्साहित करना है। आपको टीम में साहसी लोगों की जरूरत है। हार जीत तो चलती रहती है। लेकिन आपको टीम में शानदार जज्बे वाले लोग चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘यदि आप इस शृंखला में टीम को देखें तो गेंदबाजी अनुभवहीन है। ईशांत शर्मा ने काफी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली है। लेकिन वह लगातार टीम में नहीं रहा है। उमेश यादव का भी वही हाल है और कई गेंदबाज तो यहां पदार्पण कर रहे हैं।’ धोनी ने कहा, ‘हमें यह आकलन करना होगा कि वे कैसा खेल रहे हैं। उनकी प्रगति की दर क्या है। मैं हमेशा कहता आया हूं कि आपको युवाओं को तैयार करना होगा। हमें मुकम्मिल खिलाड़ी नहीं मिलेंगे बल्कि हमें उन्हें तैयार करना होगा ताकि वे लंबे समय तक खेल सकें।’

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