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IND vs WI: अश्विन ने कहा- एशिया से बाहर पांच विकेट चटकाने के लिए काफी मेहनत की

अश्विन ने 83 रन देकर सात विकेट चटकाए जिससे भारतीय टीम ने पहला टेस्ट चार दिन के अंदर जीत लिया।
Author एंटिगा | July 25, 2016 17:11 pm
भारतीय स्पिनर रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन। (पीटीआई फाइल फोटो)

रविचंद्रन अश्विन की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत मेहमान टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार जीत दर्ज कर सकी और भारत का यह ऑफ स्पिनर इस बात से खुश है कि वह अंतत: उप महाद्वीप के बाहर ‘पांच विकेट’ चटकाने की उपलब्धि हासिल करने में सफल रहा। अश्विन ने 83 रन देकर सात विकेट चटकाए जिससे भारतीय टीम ने पहला टेस्ट चार दिन के अंदर जीत लिया। उन्होंने बीसीसीआई डॉट टीवी से कहा, ‘उप महाद्वीप के बाहर इस (एक पारी में पांच विकेट की) उपलब्धि (के रिकॉर्ड) को दोहराने में मुझे पांच साल लगे, मैं हमेशा इसे तोड़ना चाहता था। उप महाद्वीप के बाहर पांच विकेट चटकाने के लिए मैं बड़ी मशक्कत से काम कर रहा था और मैं खुद के लिये सचमुच काफी खुश हूं।’

इयान बॉथम (जिन्होंने एक शतक बनाने के साथ एक टेस्ट मैच में सात विकेट चटकाए थे) की बराबरी करते हुए तमिलनाडु के ऑफ ब्रेक गेंदबाज ने कहा कि वह इस मैच को आने वाले कई वर्षों तक याद करेंगे। अश्विन के अब 33 टेस्ट मैचों में 183 विकेट और 1317 रन हो गए हैं, उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए यादगार मैच था। मैंने विराट के साथ अच्छी भागीदारी निभाई। एक शतक जड़ना शानदार था और फिर पांच विकेट से ज्यादा विकेट हासिल करना भी। यह उन मैचों में से एक होगा, जिसे मैं काफी लंबे समय तक याद रखूंगा।’

इस 29 वर्षीय क्रिकेटर ने पहली पारी में 113 रन की शानदार पारी खेली थी, उन्होंने कहा कि वह काफी हैरान थे कि कप्तान विराट कोहली ने उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए बुलाया। अश्विन ने कहा, ‘छठे नंबर पर बल्लेबाजी करना मेरे लिए आश्चर्यजनक था। विराट ने मैच के दिन सुबह मुझे बताया और उसने जो कुछ कहा, मुझे बहुत पसंद आया। उसने मुझसे कहा, ‘हमें तुम पर भरोसा है और हम तुम्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारना चाहते हैं, देखते हैं कि यह कितना कारगर होता है’।’

इस तरह यह गेंदबाज टेस्ट मैच में दो बार एक शतकीय पारी खेलने के साथ पांच विकेट चटकाने वाला पहला भारतीय खिलाड़ी बन गया है। अश्विन ने कहा कि मुख्य कोच अनिल कुंबले की मौजूदगी से उन्हें लंबे स्पैल डालने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘पहली पारी में, मैं मैच के दौरान करीब 25-25 ओवर तक विकेट नहीं हासिल कर सका। बीते समय में इससे मुझे निश्चित रूप से परेशानी होती क्योंकि मैं ऐसा गेंदबाज हूं जो विकेट चटकाते रहना पसंद करता हूं। मैं कुंबले से बात करता रहा कि मैं क्या सही कर रहा हूं और क्या नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं लगातार कुंबले से बात करता रहा कि गेंदबाजी के लिए कितनी रफ्तार ठीक रहेगी। उन्होंने मुझे कई तरह के अलग अलग विकल्प सुझाए कि मैं बल्लेबाजी को किस लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी कर सकता हूं।

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