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आईसीसी महिला विश्व कप क्वॉलीफायर: फ़ाइनल में भारत की दक्षिण अफ्रीका पर रोमांचक जीत, हरमनप्रीत की जाबांज पारी

मिताली राज के चोटिल होने के कारण इस मैच में टीम की अगुवाई हरमनप्रीत कर रही थीं।
Author कोलंबो | February 21, 2017 22:46 pm
महिला विश्व कप-2017 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने जिस अंदाज में धुआंधार पारी खेली शायद ही क्रिकेट फैंस उसे भुला सकें। ट्विटर पर हरमनप्रीत कौर का नाम सेकेंड नबंर पर ट्रेंड में जारी है। अब क्रिकेट प्रेमी महिला क्रिकेटर्स को काफी प्रमोट करने लगे हैं। इससे पहले मिताली राज भी अपना अहम रिकॉर्ड बना चुकी हैं, वहीं अब हरमनप्रीत ने ऐसी पारी खेली, जिसके आगे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के होश ठिकाने आ गए।

कार्यवाहक कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विषम परिस्थितियों में धैर्य बनाये रखकर आखिरी दो गेंदों पर छक्का और फिर दो रन लेकर भारत को आईसीसी महिला विश्व कप क्वॉलीफायर के फाइनल में मंगलवार (21 फरवरी) को यहां दक्षिण अफ्रीका पर एक विकेट से रोमांचक जीत दिलायी। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.4 ओवर में 244 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम दीप्ति शर्मा (71 रन) और मोना मेशराम (59 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी के बावजूद एक समय संकट से जूझ रही थी। मिताली राज के चोटिल होने के कारण इस मैच में टीम की अगुवाई कर रही हरमनप्रीत ने ऐसे में बखूबी जिम्मेदारी संभाली और आखिर में इस टूर्नामेंट में भारत का विजय अभियान जारी रखकर खिताब जीता।

भारत को आखिरी ओवर में नौ रन चाहिए थे और उसके दो विकेट बचे थे। तेज गेंदबाज मर्सिया लेतसोलो के इस ओवर की पहली गेंद पर दो रन लेने के प्रयास में पूनम यादव रन आउट हो गयी। हरमनप्रीत के पास स्ट्राइक थी लेकिन वह अगली तीन गेंदों पर रन बनाने में नाकाम रही जिससे भारतीय खेमे में खलबली मच गई। इस अनुभवी अनुभवी ऑलराउंडर ने हालांकि धैर्य नहीं खोया और लेतसोलो की अगली गेंद को डीप मिडविकेट पर छह रन के लिए भेज दिया। भारत को आखिरी गेंद पर दो रन चाहिए थे और हरमनप्रीत ने फुलटास को लांग आन पर खेलकर तेजी से दो रन लेने के साथ ही भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ा दी। रिकार्ड के लिये बता दें कि भारत ने 50 ओवर में नौ विकेट पर 245 रन बनाये। हरमनप्रीत 41 गेंद पर 41 रन बनाकर नाबाद रही जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल है।

महिला विश्व कप में पहले ही जगह सुरक्षित कर चुके भारत ने लीग चरण और फिर सुपर सिक्स में भी अपने सभी मैच जीते थे। भारत को मैच में शुरू में ही झटका लगा जब बेहतरीन फॉर्म में चल रही कप्तान मिताली राज पिछले मैच में चोटिल होने के कारण फाइनल से बाहर हो गई। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और उसकी लगभग अधिकतर बल्लेबाजों ने योगदान दिया हालांकि उनमें से कोई भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पायी।

दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मिगुएन डु प्रीज ने 40, सलामी बल्लेबाज लीजेल ली ने 37, कप्तान डेन वान नीकर्क ने 37 और सुन लुस ने 35 रन का योगदान दिया। भारत के लिये बायें हाथ की स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ सबसे सफल गेंदबाज रही। उन्होंने 51 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा शिखा पांडे ने दो जबकि एकता बिष्ट, पूनम यादव और दीप्ति शर्मा ने एक-एक विकेट हासिल किया।

अपेक्षाकृत बड़े स्कोर के सामने भारत ने तिरुष कामिनी (10) का विकेट जल्दी गंवा दिया लेकिन इसके बाद दीप्ति और मोना ने अगले 25 ओवर तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया और इस बीच शतकीय साझेदारी निभायी। इन दोनों खिलाड़ियों के हालांकि चार रन के अंदर पवेलियन लौटने से भारत संकट में पड़ गया। दीप्ति ने अपनी पारी में 89 गेंदें खेली तथा आठ चौके लगाये जबकि मोना की 82 गेंद की पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल है।

वेदा कृष्णमूर्ति ने 27 गेंदों पर 31 रन बनाये जबकि एकता बिष्ट 12 रन बनाकर पवेलियन लौटी। भारत में बीच पांच गेंद और दो रन के अंदर तीन विकेट गंवाये जिससे टीम संकट में पड़ गयी लेकिन हरमनप्रीत ने हार नहीं मानी और आखिर में जीत की नायिका बनकर उभरी। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मारिजान कैप और अयाबोंगा खाका ने दो-दो विकेट लिए। दीप्ति शर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिये मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी जबकि दक्षिण अफ्रीका की सुन लुस को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

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