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वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर फ्रेंकलिन रोज ने कहा, मैंने न्यूजीलैंड में नस्लीय अन्याय का सामना किया

रोज को ऑकलैंड यूनिवर्सिटी क्रिकेट क्लब में कोच पद मिलने के बाद पहले कामकाजी वीजा दिया गया था लेकिन 2012 से उनके पास वैध वीजा नहीं था।
Author किंग्सटन। | April 20, 2016 20:58 pm
वेस्टइंडीज के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर फ्रेंकलिन रोज

वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर फ्रेंकलिन रोज ने कहा कि न्यूजीलैंड में उन्होंने नस्लीय अन्याय का सामना किया तथा उन्हें गलत तरीके से उस देश से निर्वासित किया गया जहां चार साल पहले वह कोचिंग देने के लिये गये थे। इस 44 वर्षीय पूर्व तेज गेंदबाज ने न्यूजीलैंड की आव्रजन प्रणाली पर निराशा जतायी जिसके कारण उन्हें 38 दिन जेल में बिताने के बाद जमैका आना पड़ा।

रोज ने ‘जमैका ऑब्जर्वर’ से कहा, ‘‘मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि वास्तव में क्या हुआ। मैं न्यूजीलैंड की आव्रजन प्रणाली से निराश हूं। मैं बहुत निराश हूं। मैं चाहता हूं कि लोग मेरी कहानी सुनें।’’ रोज को ऑकलैंड यूनिवर्सिटी क्रिकेट क्लब में कोच पद मिलने के बाद पहले कामकाजी वीजा दिया गया था लेकिन 2012 से उनके पास वैध वीजा नहीं था।

उन्होंने कहा कि उन पर हमला किया तथा चार श्वेत पुरुषों ने उन्हें पीटा तथा उनके खिलाफ नस्ली टिप्पणियां की। तीन दिन तक अस्पताल में रहने वाले रोज ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे पीटा। एक ने मेरे हाथ को काटा। नर्सों ने मुझे धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अन्य रोगियों की देखभाल करनी है। एक दिन बाद मेरा मित्र मुझे वापस अस्पताल ले गया। मैं दर्द से कराह रहा था। चिकित्सकों ने मुझे बताया कि मेरे फेफड़ों में खून का थक्का जम गया है और मेरे हाथ की स्नायु को नुकसान पहुंचा है।’’

रोज ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वह न्यूजीलैंड में इलाज करवा रहे थे जिसके कारण वह जमैका नहीं लौट पाये।

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