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आतंकी हमला: बांग्लादेश क्रिकेट को हो सकता है नुकसान, विदेशी टीमें कर सकती हैं दौरे से इंकार

ढाका में एक कैफे में आतंकी हमले में कम से कम 20 विदेशी नागरिक मार दिए गए जिसके बाद यह आशंका जताई जाने लगी कि इंग्लैंड सितंबर में बांग्लादेश दौरे पर जाएगा या नहीं।
Author कराची | July 5, 2016 20:24 pm
ढाका के एक कैफे में आतंकी हमले के दौरान वहां मौजूद बांग्लादेशी सेना। (Photo-Twitter)

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनि को आशंका है कि ढाका में आतंकी हमले के बाद बांग्लादेश क्रिकेट को भी पाकिस्तान की तरह परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय टीमें वहां का दौरा करने से बच सकती हैं। इस सप्ताह ढाका में एक कैफे में आतंकी हमले में कम से कम 20 विदेशी नागरिक मार दिए गए जिसके बाद यह आशंका जताई जाने लगी कि इंग्लैंड सितंबर में बांग्लादेश दौरे पर जाएगा या नहीं।

मनि ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘ढाका में जो कुछ हुआ उससे मुझे आशंका है कि पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश बोर्ड को भी टीमों को अपने देश का दौरा करने के लिए मनाने में परेशानी होगी।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे डर है कि बांग्लादेश क्रिकेट भी आतंकवाद के कारण नुकसान झेल सकता है जैसे कि पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान हो रहा है।’ मनि ने कहा, ‘हमले में जबकि विदेशी नागरिक मारे गए तब बांग्लादेश के लिए इंग्लैंड को मनाना आसान नहीं होगा। यह नहीं भूलना चाहिए कि वेस्टइंडीज अंडर-19 टीम कुछ साल पहले सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश से स्वदेश लौट गयी थी और ऑस्ट्रेलिया ने इस साल अंडर-19 विश्व कप से हटने का फैसला किया था।’

मनि ने कहा कि भारत के 2007 से द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलने के कारण पाकिस्तान को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है कि पीसीबी को सरकारी हस्तक्षेप बंद करके कड़े फैसले करने चाहिए। बीसीसीआई जब तक द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला को लेकर अपनी नीति नहीं बदलता तब तक उसे आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत से नहीं खेलना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान की टीम आईसीसी प्रतियोगिता में भारत से खेलती है तो आईसीसी और सदस्य बोर्डों की सबसे अधिक कमाई होती है।

इस बीच मनि ने कहा कि इन परिस्थितियों में भी यदि बांग्लादेश टीमों को अपने देश में खेलने के लिए मनाने में सफल रहता है तो इससे मार्च 2009 में श्रीलंकाई टीम पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की विदेशी टीमों की मनाने की क्षमता पर सवालिया निशान लग जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हां इससे गंभीर सवाल पैदा होंगे कि पीसीबी स्थिति से कैसे निबटा और वह विदेशी टीमों को पाकिस्तान का दौरा करने के लिये क्यों नहीं मना पाया।’ पूर्व आईसीसी प्रमुख ने आईसीसी से पाकिस्तान क्रिकेट के लिए विशेष कोष गठित करने का आग्रह करने के लिये पीसीबी की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, ‘पीसीबी ने जो कुछ किया वह शर्मनाक है। यह निराशाजनक है। आईसीसी से भीख मांगने के बजाय पीसीबी को अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए।’

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