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ऑफ स्पिनर अजित चंदीला पर आजीवन प्रतिबंध, हिकेन शाह पांच साल तक नहीं खेल सकेंगे

हरियाणा के आफ स्पिनर अजित चंदीला पर 2013 के आइपीएल स्पाट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है जबकि मुंबई के बल्लेबाज हिकेन शाह पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया।
Author मुंबई | January 19, 2016 02:19 am
हरियाणा के आफ स्पिनर अजित चंदीला पर 2013 के आइपीएल स्पाट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हरियाणा के आफ स्पिनर अजित चंदीला पर 2013 के आइपीएल स्पाट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है जबकि मुंबई के बल्लेबाज हिकेन शाह पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया। बीसीसीआइ की अनुशासन समिति ने सोमवार को हुई बैठक के बाद यह प्रतिबंध लगाया। बीसीसीआइ अध्यक्ष शशांक मनोहर की अध्यक्षता वाली समिति के सदस्यों में ज्योतिरादित्य सिंधिया और निरंजन शाह शामिल हैं। समिति ने चंदीला के साथी आरोपी पाकिस्तानी अंपायर असद रऊफ पर फैसला 12 फरवरी तक टाल दिया है। उन्हें जवाब देने के लिए नौ फरवरी तक की मोहलत दी गई है ।

चंदीला राजस्थान रायल्स के लिए खेलने के दौरान स्पाट फिक्सिंग के दोषी पाए गए। उन पर रिश्वत लेने, फिक्सिंग, जान बूझकर खराब खेलने और साथी खिलाड़ी से सट्टेबाजी के लिए संपर्क का आरोप है। बीसीसीआइ सचिव अनुराग ठाकुर ने एक बयान में कहा ,‘उसे बीसीसीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता की धारा 2.1.1, 2.1.2, 2.1.3, 2.1.4, 2.2.2, 2.2.3, 2.4.1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया।’

उन्होंने कहा कि चंदीला बोर्ड या इसकी सदस्य इकाइयों द्वारा आयोजित किसी तरह की क्रिकेट गतिविधि में आजीवन हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ठाकुर ने कहा,‘बीसीसीआइ का लक्ष्य क्रिकेट को पाक साफ रखना और किसी तरह के भ्रष्टाचार का कड़ाई से सामना करना है।’ दूसरी ओर बल्लेबाज शाह पर घरेलू सर्किट पर मुंबई के एक साथी खिलाड़ी को भ्रष्टाचार की पेशकश का आरोप है।

ठाकुर ने कहा,‘उन्हें बीसीसीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता की धारा 2.1.1, 2.1.2, 2.1.4 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। वह पांच साल तक क्रिकेट के किसी भी प्रारूप या बोर्ड की गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।’ रऊफ मामले पर सुनवाई सोमवार को होनी थी लेकिन वह खुद उपस्थित नहीं थे। उन्होंने जवाब में कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की गई और दूसरे जांच अधिकारी को नियुक्त करके जांच की जानी चाहिए। अनुशासन समिति ने यह अनुरोध खारिज कर दिया। बोर्ड ने कहा,‘समिति ने उन्हें नौ फरवरी तक लिखित जवाब देने का आखिरी मौका दिया है। सुनवाई और अंतिम आदेश की तारीख 12 फरवरी है।’

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