ताज़ा खबर
 

दो दिन में विराट कोहली को लगे दो झटके, संभलने के लिए उठाने होंगे ये 5 कदम

विराट कोहली मुश्किलों से निपटना जानते हैं, लेकिन अब बतौर कप्तान उन्हें टीम का मनोबल बनाए रखते हुए कुछ कड़े फैसले लेने पड़ेंगे।
भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली।(Photo: BCCI)

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के लिए चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से मिली करारी हार किसी सदमे से कम नहीं है। भले ही कोहली ने इसे क्रिकेट का एक ‘अन्य मैच’ बताया हों, लेकिन वह भी जानते हैं कि इससे टीम के मनोबल पर कितना गहरा असर पड़ा होगा। यकीनन कोहली जल्द इस हार के गम से उबरना चाहेंगे। 23 से टीम इंडिया का वेस्टइंडीज दौरा शुरू होगा, लिहाजा वहां टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। लेकिन पिछले 24 घंटों में विराट कोहली को दो झटके लग चुके हैं। पहला टीम इंडिया पाकिस्तान के हाथों चैम्पियंस ट्रॉफी गंवा चुकी है और दूसरा आईसीसी वनडे रैंकिंग में भी टीम तीसरे पायदान पर खिसक गई है। दो साल बाद क्रिकेट का वर्ल्ड कप इंग्लैंड में ही होना है, इसलिए विराट कोहली को इस हार से ये सबक लेने होंगे:

मध्यक्रम की कमजोर बल्लेबाजी: चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ज्यादातर टॉप 3 बल्लेबाजों पर निर्भर रही। चूंकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों को बैटिंग का ज्यादा मौका नहीं मिला, इस कारण वह इंग्लैंड की स्थितियों और पिच के मिजाज को उतना बेहतर नहीं समझ पाए। युवराज सिंह ने पाकिस्तान और धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ मैच में शानदार बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन फाइनल में दोनों ही नहीं चल पाए। सवाल उठता है कि क्या धोनी 2019 के वर्ल्ड कप तक उस फॉर्म में रह पाएंगे। 2015 से एशिया के बाहर खेले गए मैचों में धोनी ने 25 मैच खेले हैं, जिसमें महज 460 रन बनाए हैं, वह भी 30.60 की औसत से। वहीं युवराज सिंह ने चार साल बाद विदेश में क्रिकेट खेला है। लिहाजा मध्यक्रम को मजबूत करने के लिए विराट को दिमाग लगाना होगा।

गेंदबाजी में धार की कमी: चैम्पियंस ट्रॉफी में एक बार गौर करने वाली रही कि जिन मैचों में टीम इंडिया हारी, उनमें गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। पहला श्रीलंका के खिलाफ और दूसरा पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में। भारत को एक अतिरिक्त स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज की कमी खूब खली। उमेश यादव और मोहम्मद शमी को इस मैच में मौका न देना भी टीम के लिए परेशानी का सबब बना। स्पिनर और पेस बैटरी का संतुलन बनाना भी बड़ा चैलेंज रहेगा।

बेंच स्ट्रेंथ को मौका कब?:भारत के पास कई एेसे युवा खिलाड़ी हैं, जिन्हें मौका देने अब जरूरी है। अगर भारत को विश्व कप के लिए तैयारी करनी है, तो ऋषभ पंत, संजू सैमसन,श्रेयस अय्यर को आजमाना पड़ेगा। कुछ मैचों में इन्हें खिलाकर मैनेजमेंट और कोहली को यह तय करना चाहिए कि वे कहां फिट बैठते हैं।

खुद के फैसलों पर भरोसा: मैदान पर विराट अकसर धोनी से सलाह लेते दिखाई देते हैं। कई मौकों पर उनकी सलाह काम भी आईं। हालांकि इसमें गलत कुछ भी नहीं है, लेकिन जब टीम में धोनी नहीं होंगे, तो कोहली को सिर्फ अपने फैसले लेने होंगे। यही धोनी ने भी किया था। अपने फैसले और एक्सपेरिमेंट की बदौलत ही उन्होंने कई मौकों पर विरोधियों को चौंकाया था। कोहली को भी अब यही करना पड़ेगा।

टीम के मनोबल को बढ़ाना: कोहली एेसे खिलाड़ी हैं, जो मुश्किलों से निकलना जानते हैं। लेकिन वह कप्तान हैं, पूरी टीम पर जिम्मेदारी उन पर है, लिहाजा उन्हें टीम का मनोबल फिर से उठाना है। खिलाड़ियों में वही जीत का जोश पैदा करना है, जो 2011 के वर्ल्ड कप से पहले धोनी ने किया था। भारत को दोबारा विश्व विजेता बनाने के लिए कोहली को कुछ कड़े फैसले लेने होंगे।

विराट कोहली बने प्यूमा के ब्रांड अंबेसडर; साइन किया 100 करोड़ का कॉन्ट्रेक्ट, देखें वीडियो ः

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
Pro Kabaddi League 2017 - Points Table
No.
Team
P
W
L
D
Pts

Pro Kabaddi League 2017 - Schedule
Aug 16, 201721:00 IST
The Arena, Ahmedabad
<!-- Match 31 -->
29
Inter Zone Challenge Week - Match 31
FT
19
Gujarat Fortunegiants beat Telugu Titans (29-19)
Aug 17, 201720:00 IST
The Arena, Ahmedabad
<!-- Match 32 -->
VS
Inter Zone Challenge Week - Match 32
Aug 17, 201721:00 IST
The Arena, Ahmedabad
<!-- Match 33 -->
VS
Inter Zone Challenge Week - Match 33

सबरंग