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दुनिया की आदर्श जेल बनाने के चक्कर में बन गई ‘नरसंहार’ जेल, 100 से ज्यादा कैदियों को उतारा था मौत के घाट

सन् 1992 में इस जेल में दिल दहला देने वाला नरसंहार हुआ जिसे अंजाम दिया यहीं के सुरक्षा गार्डों ने। ये कारान्‍दिरू नरसंहार के नाम से प्रसिद्ध है।
कारान्‍दिरू जेल।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

जेल में कैदियों के साथ मारपीट अक्सर हो जाती है। जिसमें एक-दो या कई घायल हो जाते हैं। लेकिन क्या किसी जेल में मारपीट इतनी बढ़ सकती है कि सौ से ज्यादा कैदियों की मौत हो जाए? यकीन करना मुश्किल है लेकिन ये सच है। जेल यानी किसी अपराधी को उसके अपराध की सजा देने के लिए उसे जेल भेजा जाता है। दुनियाभर में अपराध साबित होने के बाद जेल में रहने की सजा सुनाई जाती है। जेल का मतलब तो आप सभी जानते हैं लेकिन आज हम जिस जेल के बारे में बता रहे हैं वो बाकी जेलों से अलग है। इस जेल को नरसंहार की वजह से जाना जाता है। क्योंकि इस जेल में मारपीट की वजह से 1300 कैदियों की मौत हो गई थी।

दरअसल हम बात कर रहे हैं ब्राजील के साओ पाउलो में स्थित कारान्‍दिरू जेल की। ब्राजील की इस जेल का नाम नरसंहार की वजह से बदनाम है। 1920 में कारान्‍दिरू जेल की स्‍थापना एक आदर्श जेल के रूप में हुई थी। लेकिन बाद में यहां उसके साथ जानवरों से बदत्तर व्यवहार किया जाता है। ये दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी जेलों में से एक थी जिसमें 8000 कैदी रह सकते थे।

सन् 1992 में इस जेल में दिल दहला देने वाला नरसंहार हुआ जिसे अंजाम दिया यहीं के सुरक्षा गार्डों ने। ये कारान्‍दिरू नरसंहार के नाम से प्रसिद्ध है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल के गार्ड्स ने कैदियों को गोलियों से भून दिया था। आंकड़ों की मानें तो इस हादसे में तकरीबन 111 मौतें हुईं। इसके बाद ही मानवाधिकार संस्‍थाओं के दखल देने के बाद 2002 में इस जेल को बंद कर दिया और इसे तोड़कर पार्क बना दिया गया। बंद होने के बाद भी आज तक ये दुनिया की सबसे खराब जेलों की लिस्ट में टॉप पर है।

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